संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहरवासियों को 21 मार्च से नियमित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। जबतक नहर में पानी चलेगा, तबतक नियमित जलापूर्ति की जाएगी। इससे शहर के लोगों को राहत मिलेगी।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार वाटर टैंकों को भरने में कम से कम 10 दिन का समय लगेगा। दो दिन में टैंकों में कुछ फीट पानी भरने पर मोटर पानी को उठाना शुरू कर देती है। ऐसे में शुक्रवार से नियमित पानी दिया जाएगा। नहर में पानी चलना बंद होने पर शहर में फि्र पानी की राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। शहर के कालाका व लिसाना में बने जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी जा रहा है। लिसाना में पहले दो वाटर टैंक थे, लेकिन 6 माह पहले एक और वाटर टैंक बना दिया गया है जिससे वहां पर सप्लाई में 20-22 दिन तक अधिक समस्या नहीं आती है। कालाका में 5 वाटर टैंक हैं। यहां पर अधिकतम 15 से 20 दिन का ही स्टोरेज हो सकता है। नहर में देरी पर वाटर टैंकों में समस्या गहरा जाती है। सर्कुलर रोड के अंदर के हिस्से में पानी सप्लाई में समस्या हो जाती है।
अधिकतम 15 से 20 दिन तक ही नियमित सप्लाई देने के लिए स्टोरेज किया जा सकता है। अब सबसे बड़ी समस्या कि गर्मी में नहरी पानी का शेड्यूल गड़बड़ा जाता है। यानी 24 दिन नहर में पानी बंद रहता है। जब यह समय बढ़ता है तो पानी की नियमित आपूर्ति देना मुश्किल हो जाता है। अब फिर अगले 20 दिन में ही यह समस्या शुरू हो जाएगी।
अतिरिक्त वाटर टैंक बनाने की चल रही योजना
पेयजल की समस्या से निपटने के लिए लगभग दो दशक से अतिरिक्त वाटर टैंक बनाने की योजना है। जिसके लिए जमीन ढूंढी जा रही है। ई-भूमि पोर्टल पर भी जमीन खरीदने के लिए प्रयास हो रहे हैं, लेकिन अभी नहीं मिल सकी। ग्राम पंचायतों की तरफ से टैंक बनवाने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। हालांकि, जमीन तो कई गांवों में देखी गई है। विभाग को टैंक के लिए जमीन भी 40 एकड़ से ज्यादा चाहिए।