अंतिम व्यक्ति का उत्थान हरियाणा सरकार की प्राथमिकता रही है। केंद्र व राज्य सरकार ने सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के दर्शन पर चलते हुए गरीबों का जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए कई कारगर कदम उठाए हैं। यह बात डीसी डीसी यशेंद्र सिंह ने कही।
उन्होेंने कहा कि हरियाणा सरकार ने परिवार को इकाई माना है। सबसे गरीब परिवारों के उत्थान पर ध्यान केंद्रित किया है। ऐसे परिवारों के लिए विशेष रूप से मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना लागू की गई है। इस अभियान के अंतर्गत परिवार पहचान पत्र से डाटा का सत्यापन करके गरीब परिवारों की पहचान की जाती है। इसमें सबसे गरीब 2 लाख परिवारों की पहचान करके उनकी न्यूनतम वार्षिक आय एक लाख रुपये करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के तहत पहले चरण में एक लाख सबसे गरीब परिवारों की मदद की जाएगी। अब तक एक लाख रुपये वार्षिक से कम आय वाले 50 हजार परिवारों की पहचान की गई है। इनमें से 19 हजार परिवार तो ऐसे हैं जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से भी कम है। इन परिवारों की कम से कम आय एक लाख रुपये सुनिश्चित करने के लिए इनके रोजगार व कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हरियाणा सरकार 2025 तक प्रदेश के सभी परिवारों की न्यूनतम वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीसी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान अभियान में शामिल किया गया है। इन योजनाओं को पोर्टल पर हर व्यक्ति के लिए सुलभ कराया गया है। इस पोर्टल पर योजनाओं की जानकारी के अलावा उनकी पात्रता व लाभ का विवरण भी दिया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से पात्र व्यक्ति योजना के लिए आवेदन भी कर सकता है।