अनाज मंडी में बाजरे की खरीद के लिए कूपन कटवाने के लिए लाइन में खड़े किसान। संवाद
रेवाड़ी। अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच सोमवार का हैफेड की ओर से किसानों के बाजरे की खरीद की गई। रेवाड़ी व कोसली की अनाज मंडी में की जा रही खरीद के दौरान किसानों को पेयजल से लेकर अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। सोमवार को हैफेड की ओर से 3500 क्विंटल बाजरा खरीदा गया। हैफेड की ओर से 2200 रुपये क्विंटल के हिसाब से खरीद की जा रही है। हालांकि किसानों को भावांतर योजना के तहत लाभ दिया जाएगा।
कृषि विभाग के आंकड़ों के हिसाब से जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की पैदावार की गई है। बाजरे की कटाई व कढ़ाई के समय बारिश न होने के कारण बाजरे की चमक व गुणवत्ता भी अच्छी आ रही है। बतादें कि सरकार ने रेवाड़ी व कोसली मंडियों में शनिवार 23 सितंबर से बाजरा की खरीद हैफेड द्वारा शुरू की गई है।
मंडी में इंतजाम नाकाफी
शहर व कोसली की अनाज मंडी में बाजरे की खरीद को लेकर मार्केट कमेटी की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए गए है। पेयजल से लेकर बैठने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। दिनभर किसान इधर-उधर भटकते रहे। इसके अलावा कहीं गंदगी के ढेर तो कहीं दूषित पानी जमा है। मंडी के फड़ पर एक तरफ बाजरे की ढेरी लगी है तो नजदीक ही गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इसके अलावा बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से मंडी में जलभराव की समस्या भी है, जिससे किसानों को ढेरी लगाने में परेशानी हो रही है।
वर्जन
किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। पेयजल से लेकर अन्य सुविधाएं दी जा रही है। कहीं कोई परेशानी है तो उसे दूर कर दिया जाएगा।
-नरेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी