रेवाड़ी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणक प्रपत्रों का वितरण और सत्यापन कार्य कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें पुरानी तस्वीरों, दस्तावेजों की कमी और फॉर्म भरने में लोगों की असमर्थता जैसी कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है। बीएलओ का कहना है कि कई मतदाताओं के पास वर्षों पुरानी फोटो उपलब्ध हैं जबकि प्रपत्रों के लिए नई और स्पष्ट फोटो अनिवार्य है। ऐसे में लोगों को नई फोटो खिंचवाने के लिए प्रेरित करना पड़ रहा है। साथ ही कई परिवारों के पास आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं हैं और कुछ मामलों में दस्तावेजों में दर्ज जानकारी तथा वास्तविक स्थिति में अंतर पाया जा रहा है। बावल के बीएलओ ने बताया कि विशेषकर बुजुर्ग और अशिक्षित नागरिक स्वयं फॉर्म भरने में सक्षम नहीं हैं, जिससे उन्हें काफी समय देना पड़ रहा है। कई स्थानों पर बीएलओ को घर-घर जाकर न केवल सत्यापन करना पड़ रहा है, बल्कि दस्तावेजों की जांच और सुधार भी करना पड़ रहा है।
अधिकतर बीएलओ का कहना है कि फील्ड स्तर पर चुनौतियों के बावजूद वे अभियान को समय पर पूरा करने में जुटे हैं लेकिन दस्तावेजों की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण कार्य की गति अपेक्षा से धीमी है।