रेवाड़ी। घोड़े पर बैठाकर बेटी का बनवारा निकालते परिजन।
रेवाड़ी। बुधवार रात को झज्जर चौक स्थित पोस्ट ऑफिस के पीछे बेटी को घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकालकर बेटा-बेटी एक समान होने का संदेश दिया गया। इस अवसर परिवार की महिलाओं द्वारा मंगल गीत गाए गए एवं नाचते हुए बनवारा निकाला गया।
गौरी की शादी 7 दिसंबर को होगी, लेकिन इससे पूर्व नरेश कुमार जांगिड़ तथा ललिता देवी ने बेटा-बेटी की समानता को व्यावहारिक स्वरूप प्रदान करते हुए अपनी बेटी गौरी का घोड़ी पर बनवारा निकाल शादी को यादगार बनाया। गौरी के दादा बाबूलाल शर्मा ने कहा कि बदलते परिदृश्य तथा शिक्षा प्रसार की बदौलत अब रूढ़ीवादी धारणाएं और परंपराएं अब समाप्त होने लगी हैं।