हरियाणा के रेवाड़ी में वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-352 के गंगायचा जाट टोल को निशुल्क करते हुए चार घंटे तक खोले रखा। इससे टोल को करीब 1.25 लाख का नुकसान हुआ है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के अफसरों के आश्वासन के बाद कर्मचारी काम पर लौट आए।
इस दौरान कर्मचारियों का कहना था कि उन्होंने सितंबर में भी वेतन न देने पर हंगामा किया था और हड़ताल पर चले गए थे। उस समय टोल प्रबंधक ने शीघ्र ही वेतन देने का आश्वासन दिया था। सितंबर में आंदोलनकारी किसानों ने टोल फ्री कर दिया था और धरने पर बैठ गए थे। किसानों के धरने पर बैठने के बाद वेतन न देने का मामला ठंडा पड़ गया था।
वहीं, 11 दिसंबर को किसानों के टोल से हटने के बाद 12 दिसंबर से दोबारा शुरू किया गया था, लेकिन गुरुवार एनएचएआई द्वारा टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों को वेतन देने से मना कर दिया। बकाया वेतन की मांग को लेकर टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे से टोल को फ्री कर दिया।
कर्मचारी 11.40 बजे तक हड़ताल पर रहें। कर्मचारियों का कहना था कि वे अगस्त व सिंतबर माह के वेतन की मांग कर रहे हैं। इस दौरान गंगायचा टोल खुला हुआ था और कर्मचारियों ने इस दौरान ड्यूटी भी की थी।
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कर्मचारियों का कहना था कि मुश्किल वक्त जब प्रदेश में कहीं भी टोल चालू नहीं थे, उस वक्त टोल पर ड्यूटी की। इसके बावजूद उन्हें सैलरी नहीं दी जा रही है। कर्मचारियों ने टोल पर खड़े होकर प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसके बाद एनएचएआई की ओर से 10 दिन में बकाया वेतन देने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी काम पर लौटे।
टोल से प्रतिदिन गुजरते हैं हजारों वाहन
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-352 पर स्थित गंगायचा टोल पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। गंगायचा टोल प्लाजा की प्रतिदिन की आमदनी करीब 13 लाख रुपये है। वीरवार को करीब 4 घंटे कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान टोल से गुजरने वाले किसी भी वाहन से टोल नहीं वसूला गया। करीब 4 घंटे रहे टोल फ्री के दौरान गंगायचा टोल को 1.25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।