रेवाड़ी। शहर के सुभाष पार्क में वीरवार को 44 वें दिन भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की ओर से अपनी मांगों को लेकर संचालित धरना जारी रहा। जहां प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारेबाजी कर रही थीं, वहीं किसान संगठन यहां अलग से बैठकर इस आंदोलन में अपना सहयोग देकर 31 जनवरी को यहां आयोजित जन पंचायत के मौके पर विश्वासघात दिवस मनाने का निर्णय ले रहे थे।
उधर तालमेल कमेटी के आह्वान पर यूनियन संबंधित केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी की जिला प्रधान तारा देवी झज्जर में आयोजित तालमेल कमेटी की बैठक में शामिल होने गई हुई थी। ऐसं स्थिति में इस धरने की कमान जिला सचिव कृष्णा देवी ने संभाल रखी थी। वीरवार को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को जिले में गुरुटेक में जजपा नेता श्याम सुंदर सभ्रवाल की भतीजी के सगाई कार्यक्रम में शामिल होने और सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अहम बैठक में शामिल होने के कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुभाष पार्क के चारों ओर से बावर्दी महिला पुलिस जवानों को तैनात किया हुआ था।
इस संबंध में आंगनबाड़ी यूनियन की सक्रिय सदस्य इंदू ने बताया कि प्रशासन की ओर से एक अधिकारी और पुलिस वीरवार की सुबह धरना स्थल पर पहुंचे और यूनियन की आज की रणनीति को लेकर बात भी की। हमने स्पष्ट कहा कि हमारा धरना सरकार के खिलाफ शांतिपूर्वक चल रहा है और इसमें कोई बदलाव नहीं है। इसके बावजूद करीब 30 से अधिक पुरुष और महिला पुलिस जवान धरना स्थल के चारों ओर दोपहर बाद डेढ़ बजे तक घेरा डाले बैठे रहे और इनकी नजर प्रदर्शनकारियों की हर एक हरकत पर लगातार बनी रही।
बता दें किं वीरवार को जय किसान आंदोलन, भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिलाध्यक्ष समय सिंह के अलावा अन्य किसान नेता धरने के मंच पर पहुंचे और उन्होंने माइक से सरकार के खिलाफ किसानों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से वायदा खिलाफी करने का आरोप भी जड़ा। कामरेड बलराम ने कहा कि हम महिलाओं और बच्चों को इस ठंड में परेशान नहीं देखना चाहते और इसी वजह से इस धरने में आपके साथ खड़े हैं क्योंकि सरकार आपकी जायज बात को भी नहीं मान रही।
धरने में कामरेड राजेंद्र सिंह ने सरकार पर संवेदनहीन बनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इनमें से पचास फीसदी बहनें विधवा हैं, जिनके पास आमदनी का कोई साधन नहीं मगर सरकार अपना हठ नहीं छोड़ रही। ठंड में इनको धरने पर बैठने के लिए मजबूर कर रही। है। सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देती है मगर बेटियों के हक की रक्षा करना भूल जाती है। सभी वक्ताओं ने चेतावनी के लहजे में सरकार से इनको कमजोर नहीं समझने और इनका हक जल्द देने की मांग उठाई। उधर, संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से किसान नेताओं ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस संघर्ष में उनके साथ खड़े होने का दम भरते हुए पूर्ण सहयोग देने की बात कही।
मीडिया में जारी बयान में उन्होंने कहा कि खुद उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला शहर में थे मगर उन्होंने भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के दर्द को महसूस नहीं किया। 26 जनवरी को महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से ज्ञापन सौंपा जाएगा। धरने को मुकेश, शर्मिला, संतोष, कविता, बिंदू ने भी संबोधित किया। उधर, किसान नेताओं में भाकियू चढू़नी के जिला प्रधान समय सिंह, सवाचंद नंबरदार, रामौतार यादव, पृथ्वी सिंह बालियर खुर्द, राजपाल सिंह, मनोज कुमार और राजकुमार ने भी अपने विचार रखे।