शहर में मानव शृंखला बनाकर अपना विरोध दर्ज करातीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद
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रेवाड़ी। नगर के सुभाष पार्क में बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का धरना प्रदर्शन 57वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान उन्होंने मानव शृंखला बनाकर मांगों को उठाया। साथ ही सेक्टर एक के अंत्योदय भवन से लेकर लघु सचिवालय के मुख्य द्वार तक एक-दूसरे का हाथ पकड़कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान उनका कहना था कि वे पांच फरवरी तक सरकार के जवाब का इंतजार करेंगी। इसके बाद वे नई रणनीति पर काम शुरू करेंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लघु सचिवालय के सामने वाली सड़क पर करीब 20 मिनट तक काली पट्टी बांधकर और मास्क लगाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। इनके साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन संबंधित केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी के बैनर के नीचे तीन सौ से अधिक महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उपायुक्त निवास से लेकर लघु सचिवालय के मुख्य द्वार करीब पांच मीटर की दूरी में दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी, दो एसएचओ समेत खुफिया विभाग के अधिकारी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन इसलिए करना पड़ा क्योंकि वे जनता तक अपनी बात पहुंचाना चाहती हैं।
प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी बहन सचिवालय या न्यायिक परिसर में अपने किसी काम से आने वाले हर व्यक्ति तक अपना दर्द पहुंचाना चाहती हैं। ताकि उनकी बात को जनसमर्थन मिले और सरकार को उनका हक देने के लिए मजबूर होना पड़े। कामरेड ने बताया कि राज्य विधानसभा के उपाध्यक्ष रणबीर सिंह गंगवा ने हिसार में आंगनबाड़ी आंदोलन को लेकर कहा है कि 5 फरवरी तक आंदोलन का हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि 5 फरवरी तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपना प्रदर्शन इसी प्रकार प्रकार जारी रखेंगी और इसके बाद अगर सरकार का जवाब नहीं आया तो वे अगली रणनीति पर काम करेंगी।
जिला प्रधान तारा देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सरकार से अपना हक मांग रही हैं, जिसको सरकार स्वीकार कर चुकी है। अब मुख्यमंत्री ने उसे नकार दिया है। प्रधानमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को 2018 में क्रमश: 1500 रुपये और 750 रुपये बढ़ाकर देने की बात कही, मगर हरियाणा में उसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी जायज मांग उठाने का हक है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सड़क पर हैं। उन्होंने जिला प्रशासन के डीसी और एसपी से कहा कि वे रोजाना सरकार से बात करते हैं, इन बहनों की बात सरकार के कानों तक पहुंचाएं।