संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। फसल अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अगर कहीं ऐसा मामला मिला तो संबंधित के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी डीसी अभिषेक मीणा ने दी।
डीसी ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से आग अनियंत्रित हो जाती है और साथ लगते खेत में खड़ी पकी फसल आग की चपेट में आ जाती है, जिससे नुकसान होता है। एसडीएम, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अलावा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। फसल अवशेष जलाने की घटना की जवाबदेही तय होगी। इसलिए अधिकारी सजग और सतर्क होकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाना न केवल पर्यावरण और जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि अपराध भी है। इस पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने खेत की उर्वर क्षमता को नुकसान पहुंचता है, मिट्टी की जैविक गुणवत्ता नष्ट होती है।
उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेष में आग ना लगाएं। जिला प्रशासन का सहयोग करें और कहीं भी फसल अवशेष या गेहूं के फाने जलते हुए देखें तो तुरंत डायल 112 या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें।