रेवाड़ी। साइबर ठगी के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विकास गुप्ता की अदालत ने रामनगर निवासी आरोपी रोहित द्विवेदी को नियमित जमानत दे दी है। आरोपी पर मामला ममता की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करने के बाद 2 और 3 जनवरी के बीच उसके बैंक खाते से कुल 3,86,078 रुपये की राशि निकल गई।
जांच में सामने आया कि यह लिंक फर्जी रिव्यू के नाम पर भेजा गया था जिसके जरिए साइबर ठगी को अंजाम दिया गया।पुलिस ने मामले में जांच करते हुए आरोपी रोहित द्विवेदी को गिरफ्तार किया जो 16 फरवरी से न्यायिक हिरासत में था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने अपना बैंक खाता कथित रूप से अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराया जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसका नाम प्रारंभिक एफआईआर में शामिल नहीं था।
आरोपी के कब्जे से कोई बरामदगी भी नहीं हुई है। यह भी कहा गया कि जांच पूरी हो चुकी है और चालान अदालत में पेश किया जा चुका है इसलिए उसे और हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत दे दी। संवाद