फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: एसी कंपनी का दावा झूठा, फोरम ने लगाया 20 हजार का जुर्माना

Tue, 02 May 2023 02:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। देश की जानी-मानी एसी कंपनी का दावा फेल हो गया। कंपनी ने एसी के लिए एक साल में 1062 यूनिट कंज्यूम करने का दावा किया। कंपनी के इंजीनियर ने माना कि एसी 30 मिनट में एक यूनिट कंज्यूम कर रहा है, जिस कारण जिला उपभोक्ता फोरम ने एसी की कीमत वापस लौटाने और 20 हजार क्षतिपूर्ति व 11 हजार वकालत खर्च देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

शहर के मोहल्ला भीम बस्ती रेवाड़ी निवासी रेखा पत्नी परवीन बेरवाल ने एक एसी 26 मई 2020 को अपने घर के उपयोग के लिए 42 हजार देकर सर्कुलर रोड स्थित मोबाइल प्लेनेट दुकान से सैमसंग कंपनी का खरीद किया था। एसी पर स्टिकर लगाकर दावा किया गया था कि यह एक साल में केवल 1062 यूनिट ही उपभोग करता है। इसके बाद जब एसी घर पर लगाया गया तो उस में दिक्कत आने लगी। जिस कारण बिजली की कई अनशन भी ज्यादा हो गई।
इसके बाद उपभोक्ता ने 16 जून 2020 को कंपनी को मेल भेजी और मेल पर शिकायत करने के बाद उपभोक्ता के घर पर आकर एक नामी कंपनी के इंजीनियर ने स्वयं बताया कि यह एसी 30 मिनट में एक यूनिट का उपयोग कर रहा है, जिसके बाद एसी को बदलने के लिए उपभोक्ता की ओर से कंपनी को कई बार ई-मेल भेजी गई, लेकिन जब कंपनी ने एसी बदलने से मना कर दिया तो उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष 17 दिसंबर 2020 को याचिका दायर की। याचिका में मांग की कि उनका एसी बदलकर न्याय दिलाया जाए और कंपनी पर जुर्माना लगाया जाए।
विज्ञापन


एक साल में 2880 यूनिट बन रहा खर्च
उपभोक्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता नरेंद्र सिंह ने आयोग को बताया कि कंपनी के इंजीनियर ने खुद माना है कि एसी 30 मिनट में एक यूनिट कंज्यूम करता है, जिसके हिसाब से प्रतिदिन 8 घंटे यदि एसी का उपयोग सामान्य परिस्थितियों में किया जाए तो उसकी यूनिट एक साल में करीब 2880 बनती है। इस कारण कंपनी द्वारा किया गया दावा सरासर गलत है और यह अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज की परिभाषा के तहत आता है।

सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा व सदस्य डॉ. ऋषि दत्त कौशिक ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कंपनी का दावा सरासर गलत साबित हुआ है क्योंकि कंपनी के स्वयं इंजीनियर ने माना है कि बिजली यूनिट ज्यादा कंज्यूम कर रहा था, जिस कारण आयोग ने उपभोक्ता को 42 हजार रुपये एसी की कीमत वापस करने व 20 हजार रुपये मानसिक एवं शारीरिक हर्जाना बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाने और 11 हजार रुपये वाद खर्च के 9 प्रतिशत ब्याज सहित दिए जाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें