शाम के समय लगी ट्रैक्टर की कतार। संवाद
रेवाड़ी। बाजरा बेचने के लिए अनाज मंडी में किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंडी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें सुबह से शुरू होकर देर शाम तक लगी रहती हैं। इसके बाद रात में ही किसान अगले दिन बाजरा बेचने के लिए लाइन में लग जाते हैं।
बदलते मौसम ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। किसानों को डर है कि आने वाले दिनों में बारिश हुई तो खुले में रखे बाजरे को नुकसान हो सकता है। वीरवार को हुई बारिश के दौरान भी बाजरा भीग गया था।
मंडी में उपज बेचने के लिए किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई किसान रात में ही ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंच जाते हैं, ताकि सुबह उनकी बारी आ सके। दिनभर कतार में खड़े रहने के बावजूद किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इससे समय और संसाधनों की बर्बादी हो रही है।
बारिश से बढ़ सकती है परेशानी
मौसम में बदलाव के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान वेदपाल ने बताया कि बाजरा खुले में पड़ा रहने से बारिश होने पर उसके भीगने का खतरा बना रहता है। वीरवार को हुई बारिश में भी बाजरा भीग गया था। यदि आने वाले दिनों में फिर बारिश होती है तो उपज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसान सुरेश ने मांग है कि मंडी में खरीद प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें कम हों और उन्हें ज्यादा समय तक इंतजार न करना पड़े। साथ ही, बारिश की आशंका को देखते हुए बाजरे को सुरक्षित रखने के लिए भी उचित व्यवस्था की जाए।