रेवाड़ी। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रेवाड़ी से 40 लोगों का जत्था गया था। बादल फटने के बाद से जत्था पहलगाम में फंसा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और सेना की ओर से आगे नहीं जाने की अनुमति है। इस दौरान उन्हें लौटने देने की भी इजाजत नहीं है। फिलहाल जत्था प्रशासन के आदेेेश के इंतजार में है।
अमरनाथ यात्रा के लिए श्री श्याम दीवाना मंडल से जुड़े भक्तों का जत्था 5 जुलाई को रवाना हुआ था। एक बस में 40 लोग बाबा के दर्शनों के लिए गए हैं, जिसमें विष्णु शर्मा गोपाल शर्मा, कुशल गोयल, लव कुमार शर्मा, मुकेश सैनी, नितिन मंगला, विजेंद्र सैनी, नरेश कुमार, प्रदीप कुमार, प्रेम कुमार, सुमित कुमार देशराज, बाबूलाल, सुरेश पोसवाल, सुरेंद्र सिराधना, धर्मवीर पोसवाल, मनोज कुमार, रवि कुमार, विजय कुमार, राकेश कुमार, विश्शु, कृष्ण, अनीता यादव, कोमल शर्मा, रितु मोदी, विमला देवी, विनय कुमार रानू आदि श्रद्धालु शुक्रवार को ही बाबा के धाम के नजदीक पहुंचे थे। शनिवार को उन्हें पवित्र गुफा तक के लिए अपनी पैदल यात्रा शुरू करनी थी शुक्रवार शाम को बादल फटने की सूचना मिली।
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पहलगाम में लगातार बारिश जारी, बेस कैंप में कराया जा रहा श्रद्धालुओं को भोजन
लव कुमार, कुशल गोयल और मुकेश सैनी ने फोन के माध्यम से बताया कि जत्था पहलगाम में फंस हुआ है। मौके पर बारिश लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन और सेना श्रद्धालुओं को आगे नहीं जाने दे रही है। स्थिति बहुत विकट बनी हुई है। पहलगाम में सेना की सभी लोगों की पूरी मदद कर रही है। सेना के बेस कैंप में ही सभी श्रद्धालुओं को ठहराया गया है तथा यहीं पर लंगर में उन लोगों को भोजन कराया जा रहा है। सेना के जवानों के सहारे ही यहां श्रद्धालु ठहर पा रहे हैं।
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रेवाड़ी के किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
अमरनाथ हादसे में अभी तक रेवाड़ी के किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। उक्त जानकारी रेवाड़ी से डॉक्टर गजेंद्र यादव, डॉ घनश्याम मित्तल और डॉक्टर सीमा मित्तल ने दी है। ये सभी लोग बाबा बर्फानी के दर्शन करके शुक्रवार देर शाम को ही लौटे हैं।