जिले में दो भाइयों को फौज में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने 9 लाख 10 हजार रुपये ठग लिये। आरोपी ने न पैसे वापस दिए और न ही उनकी नौकरी लगवाई। दो साल तक धक्के खाने के बाद अब पुलिस ने गृहमंत्री अनिज विज के आदेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
जिले के गांव गोठड़ा टप्पा खोरी निवासी दीपक ने बताया कि भांडोर निवासी राहुल की बहन की शादी उनके गांव में हुई है। करीब दो साल पहले राहुल और दीपक की मुलाकात पाली पावर हाउस के पास एक चाय की दुकान पर हुई थी। राहुल ने बताया कि वह कई लड़कों को फौज में भर्ती करा चुका है। उसके भाई को भी वह फौज में लगवा सकता है। उसकी बातों पर यकीन करने के लिए दीपक ने उसके पिता व भाई से संपर्क किया तो दोनों ने राहुल की बात को सही ठहराते हुए पैसे की गारंटी ले ली।
एक कैंडीडेट के मांगे साढ़े 4 लाख
दीपक के अनुसार, राहुल ने उसे प्रति कैंडीडेट 4.5 लाख रुपये में भर्ती कराने की बात कही थी इसलिए उसने अपने भाई और चचेरे भाई को नौकरी लगवाने की डील की। राहुल को 16 से 19 जनवरी 2020 के बीच 9.10 लाख की राशि दी गई। इसके बाद राहुल ने उससे कुछ कागजों पर भी साइन करा लिये।
पुलिस ने नहीं की सुनवाई
दीपक ने आरोप लगाया कि करीब 6 माह बाद जब राहुल से उसके भाई और चचेरे भाई की नौकरी को लेकर बात की तो राहुल ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उसने गांव के मौजिज लोगों के साथ राहुल के गांव में पंचायत की लेकिन राहुल के पिता और भाई ने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया। 22 जुलाई 2020 को डीएसपी को शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई लेकिन डीएसपी ऑफिस की ओर से उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 15 जनवरी 2021 को एसएचओ खोल को शिकायत दर्ज कराई।
दीपक का आरोप है कि राहुल से साजबाज होकर खोल थाना पुलिस की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने 24 अप्रैल को एक बार फिर डीएसपी को शिकायत दर्ज कराई परंतु आईओ ने जांच के नाम पर शिकायत को गलत करार देते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद शिकायत सीएम विंडो पर दी गई और फिर गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी गई।
फर्जी साइन करके शिकायत कर दी खारिज
दीपक ने गृहमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उसने सीएम विंडो पर शिकायत लगाई थी। इस शिकायत को जांच के लिए पुलिस के पास भेजा तो उसके फर्जी साइन करके शिकायत को खारिज कर दिया गया। गृह मंत्री ने शिकायत को कार्रवाई के लिए पुलिस के पास भेजा तो डीएसपी अमित भाटिया ने उसकी शिकायत को सही ठहराते हुए पुलिस को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।