संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। नगर पालिका की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने पर 7.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से 7 वर्ष तक कूड़ा उठाया जाएगा। इसके लिए नगर पालिका ने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संबंधित फर्म को सूखा और गीले कूड़े को अलग करके डंपिंग साइट पर पहुंचाना होगा। लंबे समय से बने डंपिंग साइट को भी खत्म किया जाएगा। इस पर करीब 19.38 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वर्तमान में जगह-जगह पर कूड़े कचरे के ढेर देखने को मिल रहे हैं।
सफाई व्यवस्था बदहाल है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां पर कूड़ा कचरा काफी अधिक निकलता है। इस वजह से जगह-जगह पर डंपिंग साइट देखने को मिलते हैं। कूड़े का ढेर जमा होने के कारण बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।
इसको देखते हुए नगर पालिका ने डंपिंग साइट को खत्म करने का निर्णय लिया है। इससे कस्बा के लोगों को भी काफी फायदा होगा। साथ ही शहर भी साफ सुथरा दिखेगा।
रेवाड़ी शहर में कूड़े उठाने पर खर्च होंगे 43.61 करोड़
रेवाड़ी शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए 7 साल का करार कंपनी से किया गया है। कचरा उठाने पर 43.61 करोड़ रुपये की राशि 7 सालों में खर्च की जाएगी।
टेंडर जारी करने की स्वीकृति ऐसे समय में मिली है, जब पिछले दिनों कूड़ा उठाने वाली पुरानी एजेंसी की तरफ से पेमेंट का भुगतान न होने के कारण हड़ताल की गई थी। हालांकि, हड़ताल उसी दिन वापस ले ली गई थी। नगर परिषद की तरफ से कूड़ा रामसिंहपुरा डंपिंग यार्ड में छोड़ा जाएगा।
नगर परिषद ने अगस्त 2023 में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका दया चरण एंड कंपनी को दिया था। यह ठेका एक साल के लिए था। अगस्त 2024 में इसकी अवधि पूरी हो गई थी। नया टेंडर नहीं हो पाने के कारण नगर परिषद ने एजेंसी को ही आगे काम करने की अनुमति दी थी।
पहले दिसंबर 2024 तक समय बढ़ाया गया। तीसरी बार बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर दिया गया था। पिछले 8 महीने से एक्सटेंशन के सहारे ही काम चल रहा था।
वर्जन:
सात वर्ष तक डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए 43.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पिछले दिनों टेंडर जारी कर दिया गया था। -पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। अनुमति मिलने के बाद टेंडर लगाया गया है। सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका गंभीर है। -वीरेंद्र, चेयरमैन, नगर पालिका बावल।
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