संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में शुक्रवार की शाम बारिश के साथ करीब 5 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से सरसों और गेहूं की 70 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में तैयार गेहूं और सरसों की फसल बिछ गई है। सरसों की फलियां टूटकर बिखर गईं हैं। रेवाड़ी व खोल क्षेत्र के करीब 40 गांव इससे प्रभावित हुए हैं। कृषि विभाग के अधिकारी व क्षेत्र के पटवारियों ने गांव-गांव पहुंच कर फसलों के नुकसान का जायजा लिया।
कृषि विभाग की ओर से फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खोला गया है। अधिकारियों का कहना है कि दो दिनों में गिरदावरी की रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद पोर्टल खोल दिया जाएगा। शनिवार को बावल के विधायक डॉक्टर कृष्ण कुमार ने खोल क्षेत्र में ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों को लेकर उनकी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बात हो गई है। किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
जिले के गांव खरसानकी, भाड़ावास, गोलियाकी, जाटूवास, अकबरपुर, पाली, गोठड़ा, भालखी, मायन, बलवाड़ी, अहरोद, शोभा की ढाणी, बासदूदा, टींट, खोरी, हरजीपुर, गोलियाका, सुलखा, बेरवाल, बधराना, नंदरामपुर बास, लाधूवास, जड़थल, भूड़ला, आसियाकी पांचौर, रालियावास सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचा है।
ओलावृष्टि के कारण पककर तैयार हो चुकी सरसों की फसल की टहनियां टूट गई हैं। किसानों के अनुसार अब तो फसल पर पूरा खर्चा लग चुका था, केवल उनकी मेहनत का फल मिलना बाकी है। इस बार पाले की मार से किसान की फसलें बचीं तो ओलावृष्टि ने चौपट कर दी। वहीं, किसान नेताओं ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा ने छोटे और बड़े किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। उनका कहना है कि सरकार को तुरंत गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
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वर्जन
ओलावृष्टि से रेवाड़ी व खोल क्षेत्र के 40 गांवों में नुकसान हुआ है। गेंहू व सरसों की फसलों में कितना नुकसान है। इसका आकलन करने के लिए टीम गांव-गांव जाकर फसलों की गिरदावरी कर रही है। किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए कृषि विभाग इस कार्य में लगा हुआ है।- दीपक यादव, एसडीओ, कृषि विभाग।