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सुरक्षित बचपन से होगा सुरक्षित भारत का निर्माण : सत्यार्थी

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सुरक्षित बचपन से होगा सुरक्षित भारत का निर्माण : सत्यार्थी
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि स्कूलों में बच्चे सुरक्षित नहीं रह गए हैं। माता-पिता भी आवाज उठाने की जगह बदनामी के डर से चुप रहते हैं। सुरक्षित बचपन से ही सुरक्षित भारत का निर्माण होगा। इसलिए हमें इनके खिलाफ बिना डरे आवाज उठानी होगी।
वे शनिवार को सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत यात्रा के तहत रेवाड़ी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने शहर के सैकड़ों बच्चों के साथ पायलट चौक से पोसवाल चौक तक दो किलोमीटर पैदल यात्रा निकाली और लोगों के बच्चों के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ जागरूक किया। पोसवाल चौक पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सत्यार्थी ने कहा कि आज रिश्तेदार और जान पहचान वाले ही छेड़खानी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों से आह्वान किया कि किसी भी तरह की हिंसा पर चुप्पी न साधें और आवाज उठाएं। वहीं उन्होंने अभिभावकों और अध्यापकों से बच्चों की खामोशी और व्यवहार में बदलाव को नजर अंदाज न करने की बात कही। उन्होंने गांव और मोहल्ले के लोगों के साथ मिलकर बाल शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही। बच्चों की आवाज उठेगी तो देश मजबूत होगा। सत्यार्थी ने कहा कि यह भारत यात्रा बहुत बड़ा धर्म युद्ध है। जिसका उद्देश्य देश के बच्चों को सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि बाल यौन शोषण के खिलाफ देशव्यापी भारत यात्रा में सोशल मीडिया को मिलाकर करोड़ों लोग जुड़ रहे हैं। कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि वह 11 हजार किलोमीटर की यात्रा कर यहां पहुंचे हैं। उन्होंने 11 सितंबर 2017 को कन्याकुमारी के विवेकानंद शिला स्मारक से सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत यात्रा की शुरुआत की है। वह वे बालश्रम मुक्ति, बाल मजदूरी एवं बाल यौन उत्पीड़न के खिलाफ लड़ते रहेंगे। उनका कहना था कि नोबेल पुरस्कार मिलना जीवन में बड़ी बात हो सकती है। लेकिन यह उनका फुल स्टाप नहीं है। वह शोषण और बाल उत्पीड़न के खिलाफ जीवन पर्यंत लड़ते रहेंगे।
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इससे पूर्व वे गढ़ी बोलनी रोड स्थित भाजपा कार्यालय में भी रुके। यहां उनका भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद यादव, जिला भाजपा अध्यक्ष पंडित योगेन्द्र पालीवाल, गुरुग्राम लोकसभा निगरानी समिति के संयोजक लक्ष्मण सिंह यादव, महिला भाजपा अध्यक्ष चांदनी, एसी मोर्चा की अध्यक्ष गीता, जिला महामंत्री प्रीतम चौहान, अमित यादव, बुद्धि प्रकोष्ठ के सदस्य बलजीत यादव, युवा मोर्चा के अजय कांटीवाल ने स्वागत किया।
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अब बच्चों को ध्यान में रखकर बनता है विकास का ढांचा
कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि विकास होना अच्छी बात है। लेकिन अगर विकास के रथ के पहिये कमजोर हैं तो निरंतरता नहीं रह सकती। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र संघ का विकास कार्यक्रम बना है। विकास का भी लक्ष्य रखा है। कई राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्षों से भी बातचीत की है। अब जिस भी देश की सरकार विकास का ढांचा बनाती है वह बच्चों को ध्यान में रखकर बनाती है।
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बच्चों से सुने पहाड़े
पोसवाल चौक पर कार्यक्रम में आए झुग्गी झोपड़ी के बच्चों से कार्यक्रम के बाद कैलाश सत्यार्थी ने बातें की और उनसे दो, तीन और छह के पहाड़े भी सुने। बच्चों के पहाड़े सुनाने के बाद सत्यार्थी ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। ---
यात्रा में दिखे सिर्फ निजी स्कूल के बच्चे
पायलट चौक से पोसवाल चौक तक हुई पैदल यात्रा में निजी स्कूलों के ही बच्चे दिखाई दिए। शुरुआत में केवल बूढ़पुर के सरकारी स्कूल की छात्राएं सत्यार्थी के सम्मान में सरस्वती वंदना करती दिखीं। हालांकि इसका कारण सरकारी स्कूलों की छुट्टी होना बताया जा रहा था।
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बापू का रूप धरे व्यक्ति ने लगाए नारे
करीब एक घंटे 20 मिनट के पूरे जोशीले कार्यक्रम में एक कमी लोगों को खली। कैलाश सत्यार्थी के सम्मान में गांधी का रूप धरे एक व्यक्ति पायलट चौक से लेकर पोसवाल चौक तक चला। लेकिन जब कार्यक्रम स्थल का नंबर आया तो वह नीचे ही नारे लगाता रहा। जबकि शुरुआत में खुद सत्यार्थी ने व्यक्ति का स्वागत किया था।
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शहर की सड़कों पर बिखरे फूल
अपने रोड शो के दौरान कैलाश सत्यार्थी स्कूली बच्चों के साथ बाल संरक्षण और हिंसा को लेकर नारेबाजी करते चले। यहां इनके साथ आए करीब 250 स्वयंसेवकों के अतिरिक्त करीब तीन हजार स्कूली बच्चों ने फूलों से सत्यार्थी का स्वागत किया। इस दौरान पूरे रोड शो में सड़क पर फूल ही फूल दिखाई दिए।
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स्टेट गेस्ट का दर्जा, बड़े अधिकारी रहे नदारद
कैलाश सत्यार्थी को प्रदेश सरकार ने स्टेट गेस्ट का दर्जा हुआ है। इसके बावजूद उनके कार्यक्रम में जिला स्तर का कोई भी बड़ा अधिकारी नहीं दिखा। केवल सीटीएम विरेंद्र, डीएसपी सत्यपाल एवं जिला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर बल्डोदिया ही मौके पर दिखे।
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