स्वर्णकारों को इस दिवाली पर अच्छे व्यापार की आस
विशाल जैमिनी
रेवाड़ी।
नोटबंदी और जीएसटी के बाद से धीमे पड़े सर्राफा बाजार को दिवाली से कुछ आस जगी है। हालांकि स्वर्णकार अपने व्यापार के हिसाब से इस बार की दिवाली कुछ फीकी बता रहे हैं। इसके बावजूद भी उन्हें अच्छे व्यापार की उम्मीद है और उन्होंने ग्राहकों के लिए कई तरह नए आटइम सजाए हैं। दिवाली और इसके बाद साहे होने पर बाजार में रौनक रहती थी। लेकिन गत वर्ष के अंत में हुई नोटबंदी और उसके बाद हाल ही में जीएसटी से स्वर्णकार काफी निराश हैं। हालांकि सरकार ने जीएसटी पर अभी कुछ छूट दी है। लेकिन उसे स्वर्णकार नाकाफी मानते हैं। इसके बाद भी स्वर्णकार अपनी ओर से त्योहार में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते। यही कारण है कि कम ऑर्डर के बाद भी स्वर्णकार पूरी तैयार से बाजार में हैं।
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हीरे और प्लेटिनम की बढ़ी डिमांड
पहले लोग जहां सोने और चांदी के आभूषणों की अधिक खरीद करते थे। वहीं नई पीढ़ी अब हीरे और प्लेटिनम की ओर मुड़ रही है। हीरे की अंगुठियां अधिक चलन में आ रही हैं। युवा इस और अधिक आकर्षित हो रहे हैं। दिवाली के बाद शुरू होने वाले साहों को लेकर भी हीरे की डिमांड बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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सोने-चांदी के नोट से होगी मां लक्ष्मी की पूजा
दिवाली के लिए बाजार में सोने-चांदी के सिक्के, बर्तन, गिफ्ट आइटम, मोती, मंदिर की बिक्री हो रही है। इस बार लक्ष्मीजी की पूजा के लिए 1000 रुपये के सोने एवं 2000 रुपये का चांदी का नोट बाजार में हैं। इनके रेट भी बाजार में अलग-अलग है। वहीं चांदी के सिक्के भी वजन के अनुसार अलग-अलग बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
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इस बार सोने-चांदी के भाव में कोई गिरावट नहीं है। नोटबंदी और जीएसटी के बाद व्यापार कम हो गया है। हालांकि दिवाली से उम्मीद है।
दीपक सोनी, नवदीप ज्वैलर्स, बारा हजारी रोड
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गत वर्ष दिवाली से पहले इन दिनों 80 प्रतिशत तक ऑर्डर आ जाते थे। देर रात तक हम काम करते थे। लेकिन जीएसटी आने के बाद 20 से 25 फीसदी काम कम हुआ है।
भगवान दास सोनी, प्रधान, मराठा एसोसिएशन, गलाई
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इस बार काम कम है। लेकिन दिवाली से आस है। काम बढ़ेगा। जीएसटी से हमारे काम को काफी नुकसान हुआ है।
दीपक सोनी, स्वर्णकार, सर्राफा बाजार
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जीएसटी से बाजार में कुछ फर्क है। लेकिन दिवाली से हमे काफी उम्मीद है। संभवत: काम बढ़ेगा।
प्रदीप जैन, वर्धमान आभूषण