संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पेयजल की किल्लत से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। साल्हावास पंप हाउस से जेएलएन नहर में 350 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सोमवार को रेवाड़ी में पानी पहुंचने के बाद वाटर टैंकों को भरा जा रहा है। अब शहरवासियों को एक माह तक एक दिन छोड़ कर पेयजल मिलेगा।
अगर पानी नहीं छोड़ा गया होता तो कुछ दिन बाद ही दो दिन छोड़ कर पेयजल आपूर्ति करने की नौबत पैदा हो जाती। अब 350 क्यूसेक पानी मिलने से काफी हद तक समस्या दूर हुई है। जेएलएन नहर में पानी पहुंचते ही कालाका और लिसाना में बने वॉटर टैंक को भरा जा रहा है। इन टैंकों के भरने के बाद लोगों को एक माह तक पानी एक दिन छोड़कर दिया जाएगा।
पिछले दिनों पंजाब सरकार की ओर से भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले पानी में कटौती करने के बाद रेवाड़ी में जल संकट गहरा गया था। नहर में जो पानी 16 दिन के लिए आता था, वह 7 से 8 दिन के लिए ही आया था। इससे पहले जब नहर में पानी आता था तो 16 दिन तक नियमित पानी की सप्लाई होती थी।
शहर में पेयजल की समस्या हमेशा बनी रहती है जिससे पेयजल की राशनिंग होती है। गर्मी के सीजन में हर माह 600 क्यूसेक पानी की आपूर्ति तय है लेकिन कटौती के बाद से 150 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा जा रहा था, जो अपर्याप्त था। इससे पहले औसतन 300 से 400 क्यूसेक पानी ही मिल रहा था। जिले में पानी की सप्लाई आधी हो गई थी।
पेयजल की बर्बादी नहीं करने की अपील
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता सतीश राठी ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेयजल की बर्बादी ना करें। जितना जरूरी हो, उतने ही पानी का उपयोग करें। अगर कोई व्यक्ति पेयजल बर्बाद करते हुए पाया गया तो उससे भारी भरकम जुर्माना वसूल किया जाएगा। साथ ही उसका पेयजल कनेक्शन तुरंत प्रभाव से काट दिया जाएगा।
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वर्जन
साल्हावास पंप हाउस से जेएलएन नहर में 350 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सोमवार को रेवाड़ी में पानी पहुंच गया। यह पानी दो दिन तक नहर में चलेगा। कालाका और लिसाना में बने वाटर टैंक को भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है।-हेमंत, जेई, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।