बाजार भाव से सस्ते दामों में तांबा खरीदने के नाम पर ठग कच्चे तांबे की जगह शहर निवासी मैटल व्यापारी को 10 लाख में 5834 किलो मिट्टी बचे गए। पुलिस ने व्यापारी की शिकायत के बाद एक ठग को गिरफ्तार कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी की पहचान गांव महेश्वरी निवासी तुलसी के रूप में हुई है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-4 निवासी मैटल व्यापारी वरुण कुमार ने बताया कि उनका हुडा बाईपास स्थित कर्नल राम सिंह चौक पर पीवी मैटलस के नाम से गोदाम है। 15 अक्टूबर को उसके पास तुलसी नाम के व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि उसके पास कच्चा तांबा है तथा बेचना चाहते हैं। वरुण ने सैंपल दिखाने के लिए कहा। उसी दिन तुलसी सैंपल लेकर रेवाड़ी के राव अभय सिंह चौक पर आ गया। वरुण अपने पार्टनर ठठेरा मोहल्ला निवासी चंद्रभान के साथ सैंपल की जांच करने पहुंचे तो उसमें 53 प्रतिशत तांबा था। दोनों के बीच 176 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से दाम तय हो गए तथा और माल भेजने के लिए कहा गया।
मिट्टी बेच कर हुए फरार
व्यापारी ने शिकायत में कहा है कि 17 अक्तूबर को तुलसी अपने दो अन्य साथियों के साथ गाड़ी में माल लेकर रेवाड़ी आ गया तथा उसका वजन कराया गया। गाड़ी में भरे माल का वजन 5834 किलो हुआ, जिसके हिसाब से कीमत दस लाख 23 हजार 264 रुपये हुई। उन्होंने तुलसी व उसके साथियों को दस लाख 23 हजार रुपये दे दिए तथा माल उतरवा लिया। उन्होंने उतरवाए हुए माल की जांच की तो उसमें तांबा की बजाय मिट्टी भरी हुई थी। पैसे लेने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। उन्होंने आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। व्यापारी ने मामले की शिकायत मॉडल टाउन थाना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी तुलसी को गिरफ्तार कर लिया।
मिट्टी की तरह होता है कच्चा तांबा
देखने में कच्चा तांबा मिट्टी की तरह ही होता है, व्यापारियों की ओर इस मिट्टी की तरह दिखने वाले कच्चे तांबे को गलाकर शुद्घ तांबा तैयार किया जाता है। मेटल से जुड़े जानकारों के अनुसार कच्चे तांबे की प्रतिदिन बदलती रहती है। जिस कच्चे माल में तांबे की मात्रा 53 प्रतिशत होती है उसका सोमवार को बाजार भाव 243 रुपये किलो था। वहीं 30 रुपये गलाई चार्ज होता है। ऐसे में व्यापारी द्वारा खरीदे कच्चे तांबे की कीमत सोमवार की कीमतों के अनुसार करीब 213 रुपये प्रति किलो होना चाहिए था। यदि ठगों से खरीदा कच्चा तांबा की शुद्धता बताए अनुसार 53 प्रतिशत होती तो व्यापारी को दो लाख 16 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ हो सकता था, लेकिन उलटे ठगी का शिकार हो गए।