हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में आधे परीक्षार्थी ही पास हो पाए। बोर्ड का मैट्रिक का नतीजा 50.79 प्रतिशत रहा।
दसवीं में 2012 में कुल 65.38 फीसदी परीक्षार्थी सफल हुए थे। 2011 में भी कुल 68.04 प्रतिशत बच्चे उत्तीर्ण हुए थे। इस लिहाज से पिछली साल की तुलना में इस बार का नतीजा 14.58 फीसदी गिर गया।
छात्राओं का पास प्रतिशत 53.66 है जबकि छात्र 48.42 फीसदी पास हुए। शिक्षा बोर्ड के अनुसार मार्च में आयोजित दसवीं की परीक्षा में 3,45,239 परीक्षार्थी बैठे थे जिनमें से 1,75,353 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। 1,05,994 परीक्षार्थियों की पीएआरआई है यानी वे एक विषय में फेल हैं। 63,892 परीक्षार्थियों की री-अपीयर आई है।
परीक्षा में 1,89,019 छात्र बैठे थे जिनमें 91,528 पास हुए। 58,931 छात्रों की पीएआरआई और 38,560 की री-अपीयर आई। परीक्षा देने वाली 1,56,220 छात्राओं में 83,825 पास हुईं। 47,063 छात्राओं की पीएआरआई है और 25,332 को री-अपीयर मिला।
सरकारी से आगे रहे निजी स्कूल
दसवीं की परीक्षा में राजकीय विद्यालयों के 1,77,164 परीक्षार्थी बैठे थे जिनमें से 72,513 पास हुए। 61,102 परीक्षार्थियों की पीएआरआई आई और 43,549 परीक्षार्थियों को री-अपीयर मिला। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 40.93 रहा। निजी विद्यालयों के 1,68,075 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे और 1,02,840 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। 44,892 परीक्षार्थियों की पीएआरआई और 20,343 परीक्षार्थियों को री-अपीयर मिला। निजी विद्यालयों का पास प्रतिशत 61.19 रहा।
री-अपीयर परीक्षा का परिणाम 45.88
मार्च में आयोजित दसवीं की री-अपीयर परीक्षा का परिणाम 45.88 फीसदी रहा। री-अपीयर परीक्षा में कुल 43,798 परीक्षार्थी बैठे थे जिनमें से 20,094 उत्तीर्ण हुए। री-अपीयर परीक्षा में 27,466 छात्रों में से 12,684 पास हुए। परीक्षा में बैठीं 16,332 छात्राओं में से 7,410 उत्तीर्ण हुईं।
विद्यालयों को 10 को मिलेगा रिजल्ट
सभी विद्यालयों, संस्थाओं के मुखिया अपने विद्यालय के नियमित परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम 10 जून को सुबह 11 बजे से बोर्ड द्वारा स्थापित अपने जिले के जिला समन्वय केंद्र्र से बोर्ड के कर्मचारियों के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।
पुनर्मूल्यांकन एक महीने के भीतर : चेयरमैन
परीक्षा परिणाम के आधार पर जो परीक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन करवाना चाहते हैं वे इसके लिए निर्धारित आवेदनपत्र परीक्षा परिणाम घोषित होने की तारीख से एक माह के भीतर आवेदन कर सकते हैं।