रोहतक-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल फीस का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। रोहतक निवासी दिशांत दूसेजा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है।
याचिका में दलील दी गई है कि 80 किमी के इस हाईवे पर दो टोल बूथ बनाए गए हैं। इन से वसूली जा रही फीस से नेशनल हाईवे फीस एंड कलेक्शन रूल्स, 2008 का उल्लंघन हो रहा है। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली पर आधारित खंडपीठ ने संबंधित अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि टाइम बाउंड के तहत इस मामले का निपटारा किया जाए।
दाखिल याचिका में कहा गया है कि फीस का निर्धारण नेशनल हाईवे फीस एंड कलेक्शन रूल्स, 2008 के तहत होना चाहिए। 80 किमी के स्ट्रेच में दो टोल बूथ बने हैं। मकरोली कलां के पास बने बूथ में लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) से 105 रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि रूल्स के तहत 80 रुपये लिए जाने चाहिए।
वहीं पानीपत बाहार गांव के समीप बने टोल पर एलएमवी से 70 रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि रूल्स के तहत 55 रुपये फीस बनती है। याचिका में कहा गया है कि जब इस संबंध में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव यादव से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि टोल फीस में अधिग्रहण की कॉस्ट और कंस्ट्रक्शन कॉस्ट को भी जोड़ा गया है।
याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि इस संबंध में केंद्र सरकार और एनएचएआई को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। याचिका में रोहतक-पानीपत टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड को भी प्रतिवादी बनाया गया है।