गैंगरेप पीड़िता को मामला वापस लेने के लिए आरोपियों द्वारा धमकाया जा रहा
है और उसे व परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सोमवार को
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़िता डीएसपी कार्यालय पहुंची।
पीड़िता
ने शिकायत में कहा है कि वह ओढ़ां थाना क्षेत्र के गांव में विवाहिता है।
उसके साथ 21 दिसंबर की रात को घर में दाखिल होकर उसके भतीजे पवन कुमार,
विजय कुमार और गांव के ही पवन ने दुराचार किया था। पुलिस ने मामला दर्ज
करके पवन को गिरफ्तार कर लिया जबकि अन्य फरार है। दोनों सरेआम गांव में घूम
रहे हैं। उसने डीएसपी को दी शिकायत में कहा है कि आरोपी और उनके माता-पिता
उस पर मामला वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं। आरोपियों का कहना है कि वे
उसे गांव में ही नहीं रहने देंगे। उसने कहा कि धमकियों के चलते वह गांव
छोड़ने को मजबूर है। वह पति और बच्चों सहित उपमंडल डबवाली के एक गांव में
अपने मायके में ठहरी हुई है।
पुलिस से मांगी सुरक्षा
पीड़िता
के अनुसार पिछले दिनों वह अपने पिता के साथ जमीन को पानी लगाने के लिए गई
थी। वहां आरोपियों ने उसके पिता को घेर लिया। उन्हें पानी नहीं लगाने दिया।
सात जनवरी को फिर से उनकी पानी की बारी है। उनकी सुरक्षा की जाए। डीएसपी
की अनुपस्थिति में उनके रीडर एसआई कृष्ण कुमार ने बताया कि पीड़िता उनके
पास शिकायत लेकर आई थी। उन्होंने बताया कि डीएसपी रविंद्र कुमार की
अनुपस्थिति में आवश्यक कार्रवाई के लिए उसे थाना ओढां में थाना प्रभारी के
पास भेज दिया गया है।
दुराचार के आरोपी के डीएनए के नमूने लिए
फतेहाबाद।
दुराचार के आरोपी की एफएसएल लैब मधुबन से रिपोर्ट स्पष्ट न होने पर जिला
एवं सत्र न्यायाधीश एससी गोयल की अदालत ने पुलिस को आरोपी का डीएनए टेस्ट
करवाने के आदेश दिए। सोमवार को भूना पुलिस ने आरोपी को जेल से लाकर
फतेहाबाद के सामान्य अस्पताल में डीएनए टेस्ट के लिए रक्त के नमूने दिलवाए।
सिविल सर्जन डॉ. एसबी कंबोज ने इसकी पुष्टि की है। आरोप है कि भूना थाना
के एक गांव निवासी सुरेंद्र पुत्र बलबीर सिंह ने 14 अक्तूबर 2013 को गांव
की ही एक दलित युवती से दुराचार किया था।