हरियाणा के जिला भिवानी के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक के दसवीं की छात्रा से दुराचार के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने एसपी मितेश जैन को दूसरी बार तलब किया है।
आयोग ने इससे पहले एसपी की ओर से पेश रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। एसपी ने आयोग से 45 दिन का समय मांगते हुए मामले को खुद देखने की बात कही है। आयोग में मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी।
बीते 16 नवंबर को 10वीं की एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि स्कूल के संस्कृत अध्यापक ने उसके साथ दुराचार किया। छात्रा से दुराचार के मामले की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने अध्यापक की पिटाई कर स्कूल को ताला लगा दिया था।
इसके बाद प्रशासन ने स्कूल स्टाफ को डेपुटेशन पर दूसरी जगह भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी अध्यापक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच डीएसपी हेडक्वार्टर अमित भाटिया को सौंपी थी।
वहीं, दो दिसंबर को आयोग के अध्यक्ष डॉ. पीएल पूनिया ने एसपी मितेश जैन को तलब किया। आयोग ने इस मामले में एसपी को 30 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने को कहा था। तय कार्यक्रम के मुताबिक एसपी मितेश जैन और छात्रा के परिजन आयोग के सचिव डॉ. जेएन चेंबर के सामने पेश हुए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील रामधन ने कहा कि आयोग ने एसपी को फटकार लगाते हुए उनकी रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।
आयोग ने कहा कि आखिर लड़की खुद क्यों बदनाम होना चाहेगी। एसपी ने आयोग से 45 दिन का समय मांगते हुए मामला खुद देखने की बात कही है। छात्रा के परिजनों के साथ आयोग पंहुचे एडवोकेट रामधन ने बताया कि पुलिस मामले को दबाने में लगी है।