चार बार विधायक और तीन बार सांसद रह चुके गुड़गांव के मौजूदा सांसद राव इंद्रजीत सिंह के कांग्रेस छोड़ने से पार्टी को दक्षिण हरियाणा में बड़ा झटका लग सकता है।
उनके पार्टी छोड़ने के ऐलान के साथ ही विपक्षी दलों इनेलो और हजकां ने उन्हें शामिल करने का न्योता भी दे डाला। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी उन पर यह कहकर डोरे डाले कि वे समझदार नेता हैं और अच्छे व्यक्ति हैं।
यूपीए एक में राज्य रक्षा मंत्री रहे राव इंद्रजीत सिंह यूपीए दो में मंत्री नहीं बन पाए थे। उसी दिन से उन्होंने अलग राह अख्तियार करने का मन बना लिया था। करीब तीन साल पहले उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप लगाने शुरू किए थे। तब यह साफ हो गया था कि अब उनका कांग्रेस से मोहभंग हो गया है।
वे गत 16 अगस्त को चंडीगढ़ प्रेस क्लब पहुंचे थे। उस दिन कांग्रेस छोड़ने का ऐलान करना था मगर उन्होंने 23 सितंबर तक के लिए टाल दिया। अब उनके जाने से कांग्रेस को दक्षिण हरियाणा में झटका लग सकता है। वे मुख्यमंत्री रहे राव बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं और खुद भी मुख्यमंत्री की लड़ाई में शामिल हो गए हैं। वे सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सीएलयू में घोटाले के आरोप लगा रहे हैं और वाड्रा-डीएलएफ डील की जांच की भी मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस के खिलाफ संघर्ष में इनेलो के साथ चलो : अभय चौटाला
इनेलो नेता अभय चौटाला ने नारनौल रैली में मंच से राव इंद्रजीत सिंह को न्योता देते हुए कहा कि अगर वे कांग्रेस के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना चाहते हैं और वास्तव में प्रदेश को कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों से छुटकारा दिलाना चाहते हैं तो उन्हें इनेलो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष में शामिल होना चाहिए। यही न्योता राव इंद्रजीत के छोटे भाई और इनेलो नेताराव अजीत सिंह ने भी अपने भाई को दिया।
हजकां में स्वागत है : कुलदीप बिश्नोई
हरियाणा जनहित कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने राव इंद्रजीत के कांग्रेस छोड़ने का स्वागत करते हुए न्योता देते हुए कहा कि अगर वे हजकां में आना चाहें तो उनका स्वागत है। उनके कांग्रेस छोड़ने से कांग्रेस का पतन नजदीक हो गया है।
भाजपा ने भी डोरे डाले
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने राव इंद्रजीत पर डोरे डालते हुए कहा कि वे समझदार हैं और अच्छे इंसान हैं। उन्होंने ऑफ द रिकार्ड यह भी स्वीकार किया कि राव इंद्रजीत सिंह उनसे एक बार मिल भी चुके हैं।
अहीरवाल में है अच्छी पकड़
राव इंद्रजीत सिंह की प्रदेश के अहीरवाल क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। गुड़गांव, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में उनका वर्चस्व है। इसके अलावा झज्जर, भिवानी, हिसार, बल्लभगढ़ और मेवात आदि में उनका अच्छा प्रभाव है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गैर जाट नेता के रूप में उनकी पहचान है।
गुड़गांव से टिकट के दावेदारों की लंबी लाइन
राव इंद्रजीत सिंह के कांग्रेस छोड़ने के बाद गुड़गांव लोकसभा से कांग्रेस का टिकट पाने वालों की लंबी लाइन है। मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह प्रमुख उम्मीदवार हैं। बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव अपने बेटे के लिए गुड़गांव से टिकट मांग चुके हैं। अगर उनके बेटे को टिकट नहीं मिली तो अंतिम समय में खुद के लिए भी टिकट मांग सकते हैं। नूंह के विधायक आफताब अहमद भी टिकट दावेदारों में हैं। हजकां छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह भी टिकट मांग सकते हैं।