कांग्रेस प्रदेश प्रभारी डॉ. शकील अहमद द्वारा भेजे गए नोटिस के जवाब में बागी सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने तलख टिप्पणी करते हुए एक बार फिर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना और सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना की रिपोर्ट पर विश्वास करोगे तो प्रदेश कांग्रेस के बहुत से वरिष्ठ नेताओं को बर्खास्त करना पडे़गा, क्योंकि सीएम की कठपुतली मुलाना अपने आका के निर्देश पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कांग्रेस हाईकमान को रिपोर्ट भेजते हैं। मुलाना का राजनीतिक वजूद सीएम के रहमो करम पर टिका है। अहमद ने 27 सितंबर को नोटिस भेजकर दस दिन के अंदर जवाब देने को कहा था।
सांसद के कार्यालय से जारी पत्र में राव इंद्रजीत सिंह ने कहा है कि उन्होंने 23 सितंबर की रैली में मुख्यमंत्री क ा पक्षपात पूर्ण रैवया होने के कारण कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव न लड़ने की घोषणा की थी। राव ने अहमद को लिखा है कि आप बखूबी जानते हैं कि सीएम पार्टी में अपने वरिष्ठ साथियों को प्रदेश की राजनीति में हाशिये पर पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके अलावा सीएम उनसे जाति रंजिश निकालने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करते हैं। अपने संसदीय क्षेत्र में विकास का मुद्दा उठाने पर वह अपनी कैबिनेट में दक्षिणी हरियाणा के नेताओं का इस्तेमाल कर उनकी छवि खराब करने की असफल कोशिश करते हैं।
सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि यह आपके ध्यान में भी लाया गया है कि सीएम अपने नापसंद नेताओं के खिलाफ अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते हैं। 2008 से सीएम के इस व्यवहार के विषय में आपसे पूर्व बने प्रदेश प्रभारियों और कांग्रेस अध्यक्षा को बताया जा चुका है, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। सांसद ने कहा है कि दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि सीएम के प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से मतभेद दूर किए जा सकते थे, लेकिन हो सकता है कि आपकी अपनी मजबूरियां हैं।
मुलाना को मिल चुकी है क्लीन चिट
प्रदेश के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की खिलाफत के बावजूद प्रदेश प्रभारी डॉ. शकील अहमद मुलाना को क्लीन चिट दे चुके हैं। वे तीन दिन पहले ही सार्वजनिक मंच पर कह चुके हैं कि अभी मुलाना ही प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे। वहीं, कांग्रेस राव इंद्रजीत सिंह को भी मनाने के मूड में नहीं है।