हरियाणा के जिले कैथल में मौसम में शुक्रवार रात अचानक आए परिवर्तन ने किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया। शनिवार सुबह शुरू हुई बरसात करीब चार घंटों तक लगातार जारी रही।
इसके कारण खेतों में तैयार धान की फसलों में भारी नुकसान की संभावनाएं जताई जा रही हैं। कई इलाकों में धान की खड़ी फसल भी गिर गई वहीं अनाज मंडी में पानी जमा होने से धान भीग गया। इससे किसानों और व्यापारियों का नुकसान हुआ है।
हल्की बूंदाबांदी के बाद शनिवार सुबह करीब दस बजे शुरू हुई बरसात लगभग दो बजे तक जारी रही। इस दौरान शहर में कई जगहों पर पानी जमा हो गया। इसके साथ-साथ नई अनाज मंडी में भी पानी जमा होने के कारण बिक्री के लिए आया धान भीग गया।
किसानों ने तिरपाल डालकर अपनी फसल को बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके। धान लेकर आए किसान मोहन सिंह, रामफल, लक्षमण दास, सुरजीत सिंह और शीशपाल ने बताया कि मंडी में किसानों की सुविधा के लिए कोई प्रबंध नहीं है। यहां छप्पर के नीचे रखा धान भी भीग गया।
पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। खेतों में परंपरागत बासमती को छोड़कर धान की 1121, सरबती सहित पीआर ग्रुप के मोटे धान में इस बरसात का काफी बुरा असर रहेगा।
इस समय धान पक रहा है। बरसात के कारण इस प्रक्रिया में बाधा आएगी और उत्पादन प्रभावित होगा। बरसात से छह माह से लहलहा रही धान की बंपर पैदावार बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है।
धान अनुसंधान संस्थान कौल के वैज्ञानिक डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि ढांड क्षेत्र में करीब 44 एमएम बरसात दर्ज की गई है। निश्चित रूप से परंपरागत बासमती को छोड़कर अन्य किस्मों में इस बरसात से नुकसान होगा।
पानी पानी हुआ शहर
कलायत। शहर में शनिवार सुबह से हो रही बरसात के कारण चारों तरफ पानी ही पानी भर गया। मुख्य सड़क व नगर की सभी गलियां टूटी होने के कारण बरसाती पानी के भारी जमावडे़ ने लोगों को बहुत परेशान किया।
देर शाम तक गलियों में पानी लबालब भरा था और लोग अपने घरों व दुकानों से पानी निकालने में लगे हुए थे। सुबह से ही शुरू हुई बरसात ने केवल दो घंटे में ही नगर को लबालब कर दिया। धर्मपाल, भगवान दास, धनराज गर्ग, रामू, अशोक कुमार, बिट्टू, राजेश, रामेश्वर, जसवंत सिंह ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से कलायत का हाल पूरी तरह से बेहाल हो चुका है पर प्रशासन को लोगों की समस्या से कोई लेना देना नही है।
पानी की निकासी की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण थोड़ी सी ही बरसात में नगर की गलियां जलमग्न हो जाती हैं और पानी घरों की नीवों में घुस कर मकानों को नुकसान पहुंचता है।
लोगों का कहना है कि पालिका प्रशासन भी लोगों की समस्या को लेकर आंखें मूंदे बैठा है। नालों की नियमित सफाई न होने के कारण भी पानी की निकासी नही हो पाती।
राजौंद में भी नुकसान की आशंका
राजौंद। बरसात से निचले भागों में पानी भर गया। इस बरसात से कई किसानों की धान की फसल जमीन पर बिछ गई। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान गुरनाम, लाड़ी, संत शर्मा, सुखदेव, सुरेंद्र शर्मा, अमीर सिंह, सुबिया राम रोशन लाल सहित कई किसानों ने बताया कि धान की फसल के लिए यह बरसात कुछ किसानों के लिए फायदेमंद है।
लेकिन जिन किसानों की धान की फसल जमीन पर बिछ गई। उसको काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। इन किसानों ने बताया कि मूंग की फसल के लिए भी यह बरसात नुकसानदायक है। क्योंकि निचले भागों में पानी भर जाने से फसल को नुकसान भी हो सकता है।