बीके अस्पताल में ब्लड बैंक होने के बाद भी गर्भवती को जरूरत पड़ने पर खून नहीं मिला। मंगलवार को बीके अस्पताल में एक गर्भवती खून के लिए चार घंटे भटकती रही। इसके बाद परेशान परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल चले गए।
राजपुर कलां निवासी मनोज ने बताया कि उसकी पत्नी शशी ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे खेड़ी स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने उसकी जांच कर बताया कि जच्चा को खून की आवश्यकता है। इसके बाद उसकी पत्नी को बीके अस्पताल रेफर किया गया।
सुबह करीब 10 बजे उसे अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। इमरजेंसी में मौजूद कर्मचारियों ने गर्भवती को जच्चा-बच्चा वार्ड में ले जाने के लिए कहा। यहां डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की कि शशि में खून की कमी है और उसे खून चढ़ाना पड़ेगा। इसके बावजूद न तो उसे भर्ती किया गया और न ही खून मिला। परेशान होकर दोपहर करीब 2 बजे वह अपनी पत्नी को निजी अस्पताल ले गया।
पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनकी जानकारी में नही आया है। अगर समय रहते सूचना मिलती तो वह इस पर आवश्यक कार्रवाई करते।