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'मारने' वाली सड़क के बीच एबूंलेंस में जन्मी 'जिंदगी'

Sun, 25 Aug 2013 07:55 AM IST
अंबाला/ब्यूरो
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गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर एंबूलेंस में अस्पताल ले जाया जा रहा था। दर्द से कराह रही महिला के लिए टूटी सड़क आफत बन गई और डिलीवरी एंबुलेंस में ही करवानी पड़ी। महिला ने बेटी को जन्म दिया है।
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दरअसल, एंबुलेंस के जरिये एक गर्भवती महिला को नारायणगढ़ के कुराली से सिटी सिविल अस्पताल डिलीवरी के लिए लाया जा रहा था।

महिला के पति ने बताया कि शनिवार सुबह 9 बजे के करीब वह अपने गांव की पीएचसी में अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए लेकर आए। लेकिन अस्पताल से उसकी पत्नी जसबीर कौर को नौ बजे के बाद शहजादपुर अस्पताल में रेफर कर दिया।

वहां से उसे शहर के सिविल अस्पताल ले जाने को कहा। वहां सरकारी एंबुलेंस को बुलाया गया, तो वह डेढ़ घंटा लेट आई। जिस वजह से उसकी पत्नी का दर्द बढ़ता चला गया।
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जिसके बाद वह अपनी पत्नी को एंबुलेंस में सिटी सिविल अस्पताल के लिए रवाना हो गए। पंजोखरा क्षेत्र में सड़क पर गहरे गड्ढों की वजह से उसकी पत्नी को झटके लगे और उसका दर्द और बढ़ गया।

जिस कारण उसकी पत्नी की वहीं डिलीवरी करनी पड़ी। इस दौरान विशेषज्ञों से फोन पर बातचीत होती रही।

यदि अनहोनी होती तो कौन जिम्मेवार?

हालांकि महिला और नवजात बच्ची अभी ठीक है और उन्हें सिविल अस्पताल में रखा गया है। लेकिन यदि इस दौरान कोई अनहोनी होती तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होता?  पति के अनुसार प्रशासन को कम से कम सड़कें तो अच्छी बना देनी चाहिए। सरकार की यह अनदेखी तो किसी की जान पर आफत ला सकती है।
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