हिसार के उकलाना में पुलिस से परेशान दलित रेप पीड़िता के परिवार के पांच सदस्यों द्वारा जहर निगलने के मामले में आखिरकार कार्रवाई हो ही गई।
पुलिस ने उकलाना के एसएचओ जयभगवान कौशिक का तबादला कर दिया। हालांकि पुलिस का अब भी यही मानना है कि परिवार ने लोकलाज और कर्ज के बोझ के कारण यह कदम उठाया है।
वहीं, बुधवार को रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन पीड़ित परिवार के एक और बच्चे की मौत के साथ मरने वालों की संख्या चार हो गई है। इस बीच 22 अप्रैल से लापता रेप पीड़िता का अब तक कोई पता नहीं चला है।
मामले में एक तरफ आईजी लॉ एंड ऑर्डर मोहम्मद अकील, आईजी हिसार रेंज एसएस कपूर जांच के नाम पर कुछ कहने से परहेज कर रहे हैं, वहीं हिसार के पुलिस अधीक्षक बी सतीश बालन का कहना है कि एसएचओ जयभगवान को बदल दिया है।
अब मामले की जांच नए एसएचओ कपिल करेंगे। इस बीच एसएचओ जयभगवान ट्रांसफर होते ही छुट्टियों पर चले गए।
उधर, मुख्यमंत्री बीएस हुड्डा ने कहा कि उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
मैंने तो ड्यूटी पूरी की
एसएचओ जयभगवान का कहना है कि उन्होंने दलित परिवार पर कोई दबाव नहीं डाला, बल्कि अपनी ड्यूटी पूरी की है।
उन्होंने कहा कि हमने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर इश्तहार लगवाए, मृतकों की शिनाख्त की, मोबाइल ट्रेस किया लेकिन लड़की का पता नहीं चला। परिवारवालों ने लोकलाज और कर्ज के कारण खुदकुशी की है।