हाईवे पर सड़क हादसों में होनेवाली मौतों को हरियाणा सरकार ने गंभीरता से लिया है। पुलिस, एंबुलेंस और अस्पताल के समन्वय पर रिसर्च शुरू हो गई है।
हाईवे पर होनेवाली मौतों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने कोशिश तेज कर दी है। इसके तहत हरियाणा पुलिस ने रिसर्च का काम भी शुरू कर दिया है।
अक्सर हादसे के बाद मौके पर अस्पताल के पहुंचने में देरी होती है।
जो घायलों की जान जाने का प्रमुख कारण बनती है। अधिकतर मामलों में पुलिस की पीसीआर वैन मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल तक पहुंचाती है।
हरियाणा पुलिस ने इस मामले में रिसर्च का काम शुरू कर दिया है।
तीन महीने में पुलिस द्वारा बताए गए प्रदेश के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग काम पूरा कर देगा।
पुलिस, एंबुलेंस और अस्पताल के समन्वय पर रिसर्च शुरू हो गई है। पुलिस की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया है कि सभी टेलीफोन नंबरों को एकीकृत कर दिया जाए।
एक ही ऐसा नंबर हो जिससे एनएचएआई एंबुलेंस, अस्पताल और पुलिस विभाग को एक साथ दुर्घटना की सूचना मिले।
हादसे की सूचना मिलते ही जो दुर्घटना क्षेत्र के निकटतम हो, उसे कंट्रोल रूम से निर्देश देकर भेजा जाए। ऐसा होने पर कोई भी अपनी जिम्मेवारी से बच नहीं सकेगा।
घायल आदमी को अस्पताल पहुंचाना सभी की पहली जिम्मेवारी होगी। इस बात की भी तैयारी की जा रही है कि अस्पताल में पहुंचने वाले घायलों के इलाज में किसी प्रकार की देरी न हो।
दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति को फौरन आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध करवाई जाए।