फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरामद किया था असली सोना, मुदई को थमाए नकली जेवरात

Tue, 24 Sep 2013 09:38 PM IST
रोहतक/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव गांधरा में सिपाही सुनील और उसकी मां की हत्या के बाद आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किए गए 123 ग्राम सोने के जेवरात थाने के मालखाने से नकली जेवरातों में बदल दिए गए।
विज्ञापन



अदालत पुलिस को आदेश दे चुकी है कि पीड़ित को सोने के जेवरात दिए जाए, लेकिन पुलिस पीड़ित को नकली सोने के जेवरात लेने के लिए दबाव डाल रही है। मंगलवार को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर सोने के असली जेवरात दिलाने की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी है।


दो जुलाई 2007 को गांव गांधरा निवासी दिल्ली पुलिस के सिपाही सुनील व उसकी मां शीला देवी की सुआ घोंपकर हत्या कर दी गई थी। बाद में खुलासा हुआ था कि सुनील व उसकी मां की हत्या सुनील की पत्नी आशा ने अपने प्रेमी सविन के साथ मिलकर की थी।
विज्ञापन


दोनों ने हत्याकांड को लूट की वारदात दिखाने के लिए अलमारी से 123 ग्राम सोने के और 360 ग्राम चांदी के जेवरात निकाल लिए थे, जिन्हें पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद किया। इसके बाद सोने के जेवरात सांपला थाने के माल खाने में जमा करा दिए थे। 9 अप्रैल 2010 को इस मामले में जिला अदालत ने आशा व सविन को उम्र कैद की सजा सुनाई और पुलिस द्वारा बरामद किया गया सोना मृतक सुनील के पिता संसार को देने के निर्देश दिए। जब संसार थाने में अदालत के आदेशों की कापी लेकर सोने के जेवरात लेने गया तो थाने के माल खाने में जमा सोने के जेवरात नकली सोने के जेवरात में बदले मिले।

जिस पर संसार ने उन्हें लेने से इंकार कर दिया। जब यह मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। इसके बावजूद मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को सोने के जेवरात दिलाने को लेकर संसार पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल से मिला और पूरा घटनाक्रम से अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक ने जांच पुलिस उपाधीक्षक सुमित कुमार को सौंपी है। इस बारे में पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल का कहना कि  जांच के बाद ही पूरे मामले का पता चल पाएगा।


डरा व धमकाकर पुलिस ले रही है हस्ताक्षर
संसार ने बताया कि पुलिस कोरे कागज पर डरा-धमका कर उसके हस्ताक्षर ले रही है और पुलिसकर्मी यही जवाब दे रहे हैं कि बेटा व पत्नी ही चले गए तो अब सोने व चांदी का क्या करोगे। संसार पिछले तीन साल से सांपला थाना, पुलिस अधीक्षक कार्यालय व पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के चक्कर काट चुका है, लेकिन पुलिस द्वारा कब्जे में लिए गए सोना के जेवरात उसे नहीं दिए जा रहे हैं। संसार का कहना है कि अब वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।


सुनार से भी चेक कराया गया सोना
सांपला थाने के  माल खाने में रखे गए जेवरात जब संसार पुलिस को साथ लेकर जेवरात को चैक कराने के लिए सुनार के पास गया तो सुनार ने भी बताया कि सभी जेवरात नकली है। संसार ने बताया कि उन्हें जेवरात देखने से ही पता चल गया था कि वह उसके परिवार के जेवरात नहीं है और नकली जेवरात उन्हें दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें