पानीपत। युवा जल्द अमीर बनने की चाहत में मादक पदार्थ तस्करी की राह पकड़ रहे हैं। युवा बिना मेहनत कम समय पर अमीर बनने की चाह रखते हैं। अपने महंगे शौक को पूरा करने के लिए उनको इससे बेहतर रास्ता नजर नहीं आता। इस धंधे में उनको जल्द पैसा तो मिल जाता है लेकिन उनको जीवन का एक बड़ा पड़ाव जेल की सलाखों के पीछे गुजारना पड़ता है। जेल से जमानत पर आने के बाद भी इसी धंधे में शामिल रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 11 माह में पानीपत पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के आरोपों में 188 युवाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें 50 प्रतिशत ऐसे आरोपी हैं जिनकी आयु 18 से 25 साल के बीच है। जो दूसरे प्रदेशों से मादक पदार्थ तस्करी इस साल जनवरी व फरवरी में पुलिस ने ऐसे 25 युवाओं को गिरफ्तार किया है जो मादक पदार्थ तस्करी कर जल्द अमीर बनना चाहते थे। अब ये सलाखों के पीछे हैं। यमुना से सटा राणा माजरा गांव नशे की दलदल में फंसा है। राणा माजरा गांव के युवा मादक पदार्थ तस्करी के रास्ते पर जाकर शार्टकट तरीके से अमीर बनने का रास्ता अपना रहे हैं। ये ही रास्ता उन्हें सलाखों के पीछे भी पहुंचा रहा है। राणा माजरा गांव के लगभग 50 युवा मादक पदार्थ तस्करी के आरोपों में जेल काट रहे हैं। पांच साल में लगभग 50 युवा नशे की दलदल में फंसकर अपनी जान भी गवां चुके हैं। घरों के इकलौते चिराग बुझ रहे हैं। अब उनके परिजन दयनीय हालत में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
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बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा व आंध्र प्रदेश से हो रही तस्करी
हरियाणा में सबसे अधिक मादक पदार्थ की तस्करी बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा व आंध्र प्रदेश से हो रही है। पानीपत के साथ साथ गुरुग्राम व फरीदाबाद भी मादक पदार्थ तस्करी की चपेट में है, क्योंकि यहां सबसे अधिक प्रवासी काम करते हैं। मादक पदार्थ तस्करी में सबसे अधिक प्रवासी शामिल हैं। जिनको काम के लिए पानीपत में आना जाना लगा रहता है। वह शार्टकट तरीके से पैसे कमाने के लिए दूसरे प्रदेशों से मादक पदार्थ लाते हैं।
वर्जन-
एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि युवा जल्द पैसे कमाने व अमीर बनने के लिए मादक पदार्थ तस्करी के रास्ते पर चलते हैं। उनको तस्कर बहकाते भी हैं। युवा बिना मेहनत कर पैसा कमाना चाहते हैं। जबकि कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता।