सनौली। तीन-चार दिन से खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना नदी का जलस्तर अब कम होने लगा है। बुधवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हा गया। जिससे आस-पास के ग्रामीणों के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि, कम होते जलस्तर के बावजूद भी भूमि का कटाव जारी है। जिससे किसानों को फसलों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, दो गांव खोजकीपुर और नवादा -आर में तेज से कटाव होने से ग्रामीण चिंतित हैं।
बुधवार को यमुना का नदी का जलस्तर घटकर 229.50 मीटर पर आ गया है। मंगलवार को यह 230 से ऊपर चल रहा था। जलस्तर कम होने के बाद भी यमुना नदी में पानी की तेज रफ्तार के कारण भूमि का कटाव हो रहा है। जैसे-जैसे जलस्तर घट रहा है भूमि कटाव में तेजी आई है। कटाव से खोजकीपुर और नवादा गांव सबसे अधिक प्रभावित हैं। जहां पर कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन, तटबंध के अंदर पानी आने के कारण कटाव वाले स्थान पर पहुंचने के लिए भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, टीम द्वारा मिट्टी के कट्टे डालकर कटाव रोकने का प्रयास किया गया है।
खोजकीपुर के किसानों पहल सिंह, सतबीर, भीम सिंह व राजेश ने बताया कि हमारे गांव में सिंचाई विभाग द्वारा तटबंध पर लगाई गई। पत्थरों की दो ठोकरों के बीच में ही यमुना के पानी ने कटाव किया है। किसानों का आरोप है कि पत्थरों की ठोकरों की लंबाई व ऊंचाई को कम कर दिया है। जिसके चलते वहां पर पानी ने कटाव कर दिया। इस बारे में जेई हरीश का कहना है कि कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे व पेडों की टहनियां डलवाई जा रही है।
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मतलौडा में 12 एमएम बारिश
पानीपत।
जिले में बुधवार को कहीं बारिश तो कहीं हल्की बूंदाबांदी रही। ऐसे में पूरा दिन गर्मी और उमस बनी रही। मतलौडा में 12 एमएम बारिश दर्ज की। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटे हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।