स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के चलते एक महिला अस्पताल में आकर भी जिंदगी की जंग हार गई। बताया जा रहा है कि पति से तंग आकर उसने सल्फास खा लिया। पानीपत के समालखा स्थित नागरिक अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई खानपुर रेफर किया गया, लेकिन एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते उसे एंबुलेंस नहीं मिली।
काफी देर परेशान होने के बाद उसने डायल-112 को कॉल किया, जिसके बाद उसे पुलिसकर्मियों ने उसे पीजीआई खानपुर पहुंचाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने यहां महिला को मृत घोषित कर दिया। समालखा थाना पुलिस ने बेटी की शिकायत पर आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
समालखा के देहरा गांव निवासी किरण ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह चार बहन और एक छोटा भाई वंश है। उसके पिता सुभाष खेतीबाड़ी करते हैं जो शराब पीने के आदी हैं। वे उसकी मां नीलम के साथ अक्सर मारपीट करते थे। बहनों और भाई के साथ भी गाली गलौज करते हैं।
उसके पिता ने शनिवार सुबह उसकी मां नीलम के साथ गाली गलौज व मारपीट की। इससे तंग आकर उसने घर में रखी गेहूं में डालने वाली दवा खा ली। परिजन उन्हें इलाज के लिए समालखा के नागरिक अस्पताल में लेकर गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी मां नीलम को पीजीआई खानपुर रेफर कर दिया गया। वे एंबुलेंस के लिए भटकते रहे लेकिन नहीं मिली। थक हारकर वे उनको पास के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। यहां पर भी चिकित्सकों ने उसको रेफर कर दिया। एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उन्होंने डायल 112 की पुलिस टीम सूचना दी। इसके बाद डायल 112 के पुलिसकर्मी महिला को खानपुर पीजीआई लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
थाना समालखा प्रभारी नीरज ने बताया कि देहरा गांव में पांच बच्चों की मां की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई है। पुलिस की डायल 112 से महिला को पीजीआई खानपुर ले जाया गया था। शव का रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस मामले में आरोपी पति पर प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।