पानीपत। शहर के जिन औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी की सप्लाई लाइन नहीं बिछी है उन उद्यमियों को पीएनजी पर आने के लिए 31 दिसंबर तक का वक्त मिलेगा। निजी कंपनियों को इससे पहले पूरे औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी की पाइप लाइन बिछानी होगी। जहां पीएनजी की लाइन बिछ चुकी है वहां उद्यमियों को 31 सितंबर तक पीएनजी पर आने का अल्टीमेटम दिया गया है। 31 सितंबर तक पीएनजी का कनेक्शन नहीं लेने वाले उद्योगों पर ताला लगेगा। जनवरी से अब तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तीन बार नोटिस जारी कर यह चेतावनी दे चुका है। जिले में अब तक 20 उद्योग ही पीएनजी पर आ सके हैं। पीएनजी पर उद्योग स्थापित होने के बाद उत्पादन दोगुना तक महंगा होगा।
अब तक केवल सेक्टर-25 और सेक्टर-29 में ही पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, बरसत रोड और पसीना रोड में पीएनजी पाइपलाइन नहीं बिछी है। यहां लगभग 450 उद्योग हैं। उधर, पीएनजी पर आने के लिए उद्योगों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार के पास बॉयलर को पीएनजी से संचालित करने के लिए पर्याप्त बर्नर नहीं हैं। ऐसे में सभी उद्योगों को 30 सितंबर तक पीएनजी पर शिफ्ट करना संभव नहीं है। इसमें 40-50 लाख तक का खर्च आएगा। उन्होंने सरकार से इस तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है।
उद्यमियों ने सरकार के सामने पीएनजी का रेट कम करने की मांग रखी है। पंजाब में पीएनजी का रेट 47 रुपये किलोग्राम है, जबकि पानीपत में इसका रेट 63 रुपये किलोग्राम है। ऐसे में उद्यमियों के सामने बड़ी चिंता यह कि वे देश के बाकी राज्यों के उद्यमियों से प्रतिस्पर्धा कैसे कर पाएंगे। उनका उत्पादन दोगुना महंगा हो जाएगा। डायर्स एसोसिएशन और पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की ओर से सरकार को भेजे गए पत्र में पीएनजी की बाध्यता को अगले डेढ़ या दो वर्ष तक टालने और पीएनजी के रेट कम करने की मांग की गई है।
पाइपलाइन बिछाने का काम तेज
पाइप लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर 29 और 25 में पाइपलाइन बिछ चुकी है। उद्यमियों को 30 सितंबर तक पीएनजी पर आना होगा।
- क्षतिज कपूर, असिस्टेंट डायरेक्टर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग