पानीपत। शहर में विकास कार्यों की गलत योजना बनने से जहां निगम के करोड़ों रुपये तो व्यर्थ में खर्च हो गए। वहीं शहर के लोगों को भी इनकी खामियों को हर्जाना भुगतना पड़ रहा है। अमरूत योजना प्रोजेक्ट के तहत निगम के ग्रामीण वार्डों में चल रहे सीवर और पानी की पाइपलाइन बिछाने के काम में इसका पर्दाफाश हुआ है। वार्ड नंबर 1 और 2 के बीच जब सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क उखाड़ी गई तो चार फीट नीचे पुरानी सड़क निकल आई।
लोगों का आरोप है कि निगम की गलत प्लानिंग के कारण सड़कों को दो से तीन बार बनाया जा रहा है। गलियों और सड़कों का भरत सही नहीं होने से लोगों के मकान के लेवल काफी नीचे चले गए हैं। कुछ लोगों ने तो अपने मकान दोबारा बना कर ऊपर उठा लिए हैं लेकिन कुछ लोगों के मकान अभी भी सड़क के लेवल से नीचे हैं। इनकी परवाह न निगम अधिकारियों को है और न सरकार को। इससे लोगों में भी काफी रोष है।
वार्ड नंबर 1 और 2 के बीच अमरूत योजना के काम के निरीक्षण के दौरान एक सड़क को उखाड़ा जा रहा था तभी खोदाई में चार फीट नीचे 6 से 8 इंच मोटी एक और सड़क मिली। लोगों के मुताबिक पुरानी सड़क का बाद में भरत कर दिया गया और उनके मकान सड़क के लेवल से कई फुट नीचे चले गए। इसके बाद नई सड़क बनाई गई। अब सीवर बिछाने के लिए इस सड़क को उखाड़ा जा रहा है। सीवर लाइन बिछाने के बाद फिर से तीसरी बार सड़क को बनाया जाएगा। लोगों ने कहा कि अगर निगम के पास सही योजना होती तो न तो करोड़ों रुपये बर्बाद होते और न ही उनके मकान सड़क के लेवल से नीचे आते।
इस पर निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण ने बताया कि उन्हें पुरानी सड़कों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वे कब बनी थी और उन पर कितना बजट खर्च हुआ था। अब नए प्लान के अनुसार सीवर और पानी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसमें निगम का इंजीनियरिंग प्लान बिल्कुल सही है। इस प्रोजेक्ट से लोगों की निकासी की समस्या का तो समाधान होगा ही साथ में पीने का साफ पानी भी मिलेेगा। उन्होंने ये भी कहा कि अगर कहीं गलत प्लानिंग से सीवर लाइन या पीने के पानी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है तो इसकी जांच करवाकर इसे दुरुस्त करवाया जाएगा।