जिले में एचसीएस की परीक्षा देने के लिए आने वाले दिव्यांग परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर व्हीलचेयर की सुविधा नहीं मिलने से काफी परेशानी हुई। कई परीक्षार्थियों का कहना है कि दो सत्रों में परीक्षा देने के लिए चार बार दूसरे और तीसरी मंजिल पर बने कमरों में परीक्षा देने के लिए जाना पड़ा। जबकि मार्च में फार्म भरने के दौरान व्हील चेयर की सुविधा के लिए उन्होंने स्पेशल फार्म भी भरा था। आर्य बाल भारती स्कूल में करीब 25 से 30 दिव्यांगों का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। जहां पर किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी गई थी। दिव्यांग परीक्षार्थियों को सीढ़ियों से घिसटकर ऊपर जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार कई परीक्षा केंद्रों पर न ही व्हील चेयर की सुविधा थी न ही रैंप की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। परीक्षा केंद्रों पर जाने के बाद दिव्यांगों का कहा गया कि पहली मंजिल पर जाने के बाद आपको रैंप की सुविधा मिलेगी जो नहीं मिली। ऐसे में दिव्यांगों को काफी परेशानी हुई। गौरतलब है कि रविवार को प्रदेश भर से पानीपत में 8212 परीक्षार्थी एचसीएस और एलाईड सर्विस परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे।
कहा गया था पहले मंजिल पर रैंप मिलेगी, चार बार चढ़ना उतरना पड़ा
मार्च में परीक्षा का फॉर्म भरते हुए भी हमने अपनी दिव्यांगता के अनुसार स्पेेशल फार्म भरा था। फिर भी हम लोगों को कोई सुविधा नहीं गई। मुझे कहा गया कि आप पहली मंजिल पर चले जाओ आपको वहां पर रैंप मिल जाएगा, लेकिन सभी दिव्यांगों को सीढ़ियों के जरिए ही परीक्षा रूम में जाना पड़ा। - अनुज टंडन, परीक्षार्थी