पानीपत। नई वार्डबंदी में मतदाता सूची में बड़ा झोल कर दिया है। किसी वार्ड के मतदाता को किसी वार्ड में कर दिया गया है। कई जगह तो पूरे बूथ को ही दूसरे वार्ड में शामिल कर दिया गया है।
अब इनको ठीक करना भी नगर निगम के लिए चुनौती बन गया है। निगम के सामने ऐसे एक या दो नहीं बल्कि 24 दावे और आपत्तियां दर्ज की गई हैं। नगर निगम अधिकारियों ने इसको लेकर बीएलओ का भी सहारा लिया है। नगर निगम के चुनाव की घोषणा हो चुकी है। पानीपत नगर निगम अधिकारी अब मतदाता सूची में ही उलझे हुए हैं। इनको लेकर शुक्रवार को दावे और आपत्तियों की सुनवाई पूरी की गई। अधिकारियों ने 24 दावे और आपत्तियों की सुनवाई की।
अब यह होगा : इस संबंध में अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट बनाकर संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी को दी है। वे अब इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगी। इसके साथ दावे और आपत्तियों के समाधान को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद उपायुक्त के सामने 11 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। उनके स्तर पर 15 फरवरी को इनका निपटान किया जाएगा।
दावा और आपत्ति नंबर-एक : वार्ड-9 में मतदाता सूची में संशोधन की मांग की है। आपत्ति में कहा है कि वार्ड-नौ की मतदाता सूची में बूथ नंबर 172 के मतदाताओं को नहीं जोड़ा गया है। अब तक सूची में इस बूथ के मतदाता अपने वार्ड में मतदान नहीं कर पाएंगे। दावा और आपत्तियों में विरोधाभास : बूथ नंबर-93 (सनौली रोड, अमर भवन चौक, मोहल्ला राम मंदिर) वार्ड-नौ के क्षेत्र में शामिल किया गया है, लेकिन इसकी पूरी मतदाता सूची वार्ड 10 में शामिल कर दी है।