पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में डिलीवरी से पहले बच्चा की गर्भ व डिलीवरी के बाद जच्चा की मौत हो गई। बच्चे की गर्भ में मौत के कारण प्रसूता के शरीर में संक्रमण फैल गया था। उसका रक्तचाप भी लो हो गया था।
डॉक्टरों ने जच्चा को बचाने की दो घंटे तक कोशिश की लेकिन रक्तचाप सामान्य नहीं हो पाया और उसने दम तोड़ दिया। परिजन आपसी सहमति से बिना पोस्टमार्टम कराए शव को साथ ले गए।
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने स्त्री रोग विशेषज्ञों को मामले का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश की कांधला निवासी गुलिस्ता दो बच्चों की मां है। वह फिलहाल छह माह की गर्भवती थी। वीरवार सुबह उसके पेट में दर्द हुआ। पति शमीम उसे जिला नागरिक अस्पताल में लेकर आया।
यहां जांच में पता चला कि बच्चे की गर्भ में मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसका गर्भपात कर दिया। इसके बाद परिजन अपनी मर्जी से गुलिस्ता को घर ले गए। घर ले जाने के बाद शुक्रवार सुबह उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। परिजन उसे पानीपत में एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां से डॉक्टरों ने उसे जिला नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया।
यहां फिजिशियन डॉ. जैसमीन, डॉ. मनी ने गुलिस्ता की जांच की उसको दाखिल किया गया। उसका ब्लड प्रेशर काफी कम था। गर्भ में बच्चे की मौत होने से शरीर में कई बार की हानियां हो गई थी। शुक्रवार दोपहर तीन बजे इलाज के दौरान गुलिस्ता की मौत हो गई।