इसराना (पानीपत)। जिले के बलाना गांव के पास स्थित एक धागा फैक्ट्री में वीरवार आधी रात को आग लगने से दो श्रमिक जिंदा जल गए। जबकि तीन श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। उनका पीजीआई रोहतक में इलाज चल रहा है। कैथल के करोड़ा गांव का युवक माता-पिता और बड़े भाई की मौत के बाद परिवार का सहारा था। दो बहनों के इकलौते भाई की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार पश्चिमी बंगाल निवासी एक अन्य श्रमिक पानीपत के शिवनगर में रहता था। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रथम दृष्टया आग का कारण शाॅर्ट सर्किट बताया गया है। फैक्ट्री में लगी भयंकर आग को पानीपत, सोनीपत व गोहाना समेत पांच फायर स्टेशनों से पहुंचे दमकलकर्मियों ने 20 से ज्यादा गाड़ियों के साथ करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। पुलिस ने दोनों के शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए हैं। थाना इसराना पुलिस ने फैक्ट्री मालिक दो भाइयों पर लापरवाही समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार वीरवार आधी रात को बलाना गांव स्थित शिव फैब्रिक में आग लग गई। उस समय नाइट की शिफ्ट में 15-20 लोग काम कर रहे थे। आग लगते ही चीख पुकार मच गई। एक गेट होने के चलते सभी लोग बाहर नहीं निकल पाए। कुछ लोग अंदर फंस गए। कुछ ही देर में आग बढ़ गई। श्रमिकों ने आग पर काबू पाने का प्रयास भी किया। लेकिन धागा होने के चलते आग तेज हो गई। कुछ ही देर में मशीन और अन्य सामान में भी आग पकड़ ली। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री में फंसे श्रमिकों को बाहर निकाला। कैथल के करोड़ा गांव निवासी सुमित (32) और बहल गाछी उत्तर दीनाजपुर पश्विमी बंगाल निवासी तसलीम (34) की गंभीर रूप से जलने से मौत हो गई। दमकलकर्मियों ने फारुख, काबिल व जागीर को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। उनको इसराना स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाया गया। जहां से तीनों को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
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अंधेरे में मची थी चीख पुकार
दमकलकर्मियों ने जान जोखिम में डाल कर झुलसे मजदूरों और अन्य मजदूरों को बाहर निकाला त इनमें कई बुरी तरह से झुलसे हुए थे। वहीं कई सकुशल थे। श्रमिकों को धुआं फैलने के चलते फैक्ट्री के गेट से बाहर निकलने को जगह नहीं मिल पाई।
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फैक्ट्री की मशीन पुरानी होने का लगाया आरोप
वैसर गांव निवासी रणबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका दामाद सुमित निवासी करोड़ा कैथल बलाना गांव स्थित शिव फैब्रिक में फीटर का काम करता था। उसका दामाद उन्हें बताया करता थी कि फैक्ट्री में मशीन काफी पुरानी हैं। ऐसे में हमेशा खतरा बना रहता है। सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी है। इस बारे में सुमित ने ठेकेदार को भी कई बार शिकायत की थी। इस पर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया गया। इन सबके चलते वीरवार देर रात को बड़ा हादसा हो गया।
सुमित दो बेटों का पिता था। सुमित के बड़े भाई की 11 साल पहले मौत हो गई थी। दो साल पहले उसकी मां व एक साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। वह दो बहनों का इकलौता भाई था। वह फिलहाल अपनी बहनों के पास पलड़ी गांव रहता था। दूसरा तसलीम पानीपत के शिवनगर में रह रहा था। तसलीम मूल रूप से बहल गाछी जिला उत्तर दीनाजरपुर पश्चिमी बंगाल का था। वह फिलहाल फैक्ट्री में परिवार के साथ रह रहा था। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा दो बेटी व एक बेटा छोड़ गया।
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फैक्ट्री में आग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। यहां बचाव कार्य में सहयोग किया। घटना में दो श्रमिकों की मौत हो गई और तीन झुलस गए हैं। झुलसे लोगों का पीजीआई रोहतक में इलाज चल रहा है। इस मामले में मृतक सुमित के ससुर रणबीर की शिकायत पर पुलिस ने लापरवाही के आरोप में फैक्ट्री मालिक मोहित व अमित वासी पानीपत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
-लोकेंद्र सिंह, एसपी पानीपत