पानीपत। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने फर्म के फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी वेबसाइट पर निर्यातक फर्म का रजिस्ट्रेशन कर 15.52 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो और आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान मोहम्मद शकील निवासी जामियानगर व अनुज निवासी सौरभ नगर दिल्ली के रूप में हुई है। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी शकिल को जेल भेजा गया व आरोपी अनुज को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी इंस्पेक्टर अंकित ने बताया कि पुलिस ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी विष्णु निवासी नई दिल्ली, तुषार निवासी फरीदाबाद, विभोर व विजीत निवासी जीवन नगर व प्रशांत निवासी पालम दिल्ली के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त दो मोबाइल, एक लेपटॉप व दो लाख रुपये नकद बरामद किया था। इसके अतिरिक्त आरोपियों के कब्जे से करीब 48 लाख रुपये कीमत का सोना व 18 लाख रुपये नकद बरामद कर 102 सीआरपीसी के तहत कब्जा पुलिस में लिया गया था। पुलिस ने पूछताछ व उक्त उपकरण, सोना व नकद बरामद कर लिया था।
यह था मामला:
एल्डिको निवासी कुनाल ने अगस्त में शिकायत देकर बताया था कि उसकी एम्बिशंस एक्ट इंटरनेशनल नाम से एक फर्म है। जिसकी मालिक उसकी पत्नी शिप्रा धवन है। फर्म में वह निर्यात करते हैं। निर्यात करने पर सरकार की तरफ से प्रोत्साहन के रूप में कुछ सुविधाएं स्क्रिप्ट वितरण के रूप में दी जाती है। अज्ञात व्यक्ति ने उनकी फर्म के नाम पर फर्जी दस्तावेज उसकी पत्नी का आधार कार्ड, हस्ताक्षर, आईईसी सर्टिफिकेट तैयार कर सरकार की कस्टम की साइट पर नकली फोन नंबर और ईमेल आईडी का प्रयोग कर रजिस्ट्रेशन करा लिया। सरकार की तरफ से प्रोत्साहन के रूप में दी जाने वाली स्क्रिप्ट आरोपी ने जून 2022 से जुलाई 2022 के बीच पांच वितरण जेनरेट कर 15.52 लाख रुपये उनकी अनुमति के बगैर किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिए। वह फर्म का आइसगेट पर रजिस्ट्रेशन करने लगा तब उसे उक्त फर्जीवाड़े का पता चला।