फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथों में तिरंगा, शहीद भुरू सिंह को दी विदाई

विज्ञापन
इसराना। गांव अहर में पहुंचा शहीद भुरू सिंह खेंची का पार्थव शरीर तो हजारों लोग पहुंचे श्रद्धांजल? - फोटो : Panipat
विज्ञापन
इसराना। त्रिपुरा में उग्रवादी हमले में शहीद हुए बीएसएफ में एसआई भुरू सिंह खेंची का पार्थिव शरीर वीरवार को पानीपत में उनके पैतृक गांव अहर लाया गया। यहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग मौजूद रहे और उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी। सुबह करीब आठ बजे 56 वर्षीय एसआई भुरू सिंह खेंची के पार्थिव शरीर को लेकर सेना की गाड़ी इसराना पहुंची।
विज्ञापन

सैकड़ों युवा हाथों में तिरंगा लिए भारत माता के जयकारे लगाते हुए सेना की गाड़ी को उनके गांव तक लेकर आए। शहीद सैनिक के अंतिम दर्शन के लिए गांव अहर के साथ आसपास के गांवों के भी सैकड़ों लोग पहुंचे। परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पिता के पार्थिव शरीर को देख बेटे रविंद्र और सुमित भावुक हो उठे। सुमित भी पिता की तरह ही बीएसएफ में एसआई है। बीएसएफ के डीआईजी सिंधु कुमार ने उन्हें धैर्य बंधाया और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
शहीद भुरू सिंह खेंची का पूरे राजकीय एवं सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना एवं पुलिस उन्हें सलामी दी। इस दौरान श्रद्धाजंलि देने वालों में इसराना के विधायक बलबीर सिंह वाल्मीकि, बीएसएफ के डीआईजी सिंधू कुमार, एसडीएम धीरज चहल, नायब तहसीलदार सिराज खान, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनिल मलिक, भाजपा के जिला मंत्री सुनील परढाना, पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार के बड़े भाई महेंद्र पंवार, सरपंच रामदिया, पटवारी सोमपाल एवं समाज सेवी सुरेंद्र आर्य के साथ सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन

गौरतलब है कि त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास मंगलवार सुबह पेट्रोलिंग के दौरान उग्रवादी संगठन एनएलएफटी ने घात लगाकर हमला कर दिया था। हमले में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए। शहीद भुरू सिंह खेंची के बड़े बेटे रविंद्र ने बताया कि पांच दिन पहले उनकी पिता से बात हुई थी। वह अपने प्रमोशन के लिए प्रशिक्षण पर जाने वाले थे। उससे पहले गांव आने की बात कह रहे थे। भुरू के छोटे बेटे सुमित बीएसएफ कश्मीर में सब इंस्पेक्टर हैं। सुमित की पत्नी प्रियंकल खेंची भी बीएसएफ पंजाब में सब इंस्पेक्टर हैं। बड़ा बेटा रविंद्र निजी कंपनी में काम करता है। शहीद की पत्नी का निधन हो चुका है।
ॲभुरू सिंह खेंची का बलिदान सदैव याद रहेगा : मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर भुरू सिंह खैंची की शहादत को शत-शत नमन किया। इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिजनों को अपनी संवेदनाएं प्रेषित कीं। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि देश उनका बलिदान सदैव याद रखेगा। जिला सैनिक बोर्ड की ओर से सचिव कर्नल चांद सरोहा ने भी उन्हें पुष्प चक्र अर्पित कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें