पानीपत। किसान आंदोलन समाप्त होने के साथ ही सोमवार से पानीपत टोल प्लाजा शुरू हो गया, लेकिन पहले दिन परेशानियों का सामना करना पड़ा। वाहन चालकों को टोल चुकाना पड़ा तो किसान याद आए, वहीं टोल पर सभी लेन सुचारू नहीं हो सकीं। जब टोल प्लाजा पर ऑटोमेटिक बैरियर शुरू किए गए तो कई लोग विरोध में उतर आए। बंद पड़ी लेन से खुद बैरियर हटाकर कई वाहन चालक बगैर टोल दिए निकल गए। इसके बाद टोल कर्मियों ने बैरिकेड लगाए, जिसका विरोध होने लगा। हालांकि बाद में सुचारू रूप से चल रहीं लेन पर वाहन चालकों ने टोल देना शुरू किया। इस दौरान वाहनों पर लगे फास्टैग से धूल हटाई गई, लेकिन स्कैन करने पर भी उन्होंने काम नहीं किया। इसके बाद मैनुअली टोल काटा गया।
समय : दोपहर 1:30 बजे
जाम बढ़ने लगा तो हटाने पड़े बैरिकेड
टोल खुलते ही करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम बढ़ता ही जा रहा था, जिस पर टोल कर्मियों का बैरिकेड हटाने पड़े और बगैर टोल दिए ही वाहन चालक रवाना हो गए। इसके बाद जाम कम हो सका।
समय: दोपहर 1:50 बजे
नहीं बनाई स्पेशल लेन, एंबुलेंस फंसी
इमरजेंसी वाहनों के लिए टोल प्लाजा पर स्पेशल लेन नहीं बनाई थी, जिससे टोल पर एंबुलेंस फंस गई। एंबुलेंस को जाम से निकालने और टोल के करीब लाने में कर्मचारियों को 15 मिनट लगे। एंबुलेंस के आगे खड़े वाहन चालकों को निकालने के लिए बंद पड़ी लेन को खोलना पड़ा। इसके बार एंबुलेंस को निकाला जा सका।
समय: दोपहर 2:30 बजे
फास्टैग पर जमी थी धूल, नहीं हो रहे थे स्कैन
वाहनों पर लगे फास्टैग पर धूल जमी थी, जिसकी वजह से स्कैन नहीं हो पा रहा था। टोल कर्मी ही वाहनों पर लगे फास्टैग पर जमी धूल को साफ करते दिखे। फास्टैग लेन में ऑटोमैटिक सेंसर खुद ब खुद टोल काट लेते हैं, लेकिन स्कैन नहीं होने पर मैनुअली टोल लेना पड़ा।
दोपहर 2:37 बजे
फास्टैग हुए ब्लैकलिस्टेड, देना पड़ा नकद
एक साल बिना टोल दिए जाने वाले वाहन चालकों ने फास्टैग रिचार्ज नहीं कराए। इसकी वजह से फास्टैग ब्लैकलिस्टेड हो गए। मशीन ने जब ब्लैकलिस्टेड दिखाया तो वाहन चालकों को नकद में भुगतान करना पड़ा। इस दौरान नोकझोंक की स्थिति भी बन गई।
पानीपत। एक साल से टोल बंद होने के कारण ज्यादातर वाहनों के फास्ट टैग ब्लैकलिस्ट रहे।- फोटो : Panipat