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पानीपत में नहीं बढ़ीं टोल दरें, पंजाब रेल नाकाबंदी में शामिल हो सकते हैं किसान

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पानीपत। कृषि कानूनों की वापसी के बाद किसान आंदोलन थम गया है, लेकिन अब टोल की बढ़ी दरों ने किसानों को नाराज कर दिया है। हालांकि पानीपत में टोल की दरें फिलहाल नहीं बढ़ी है, लेकिन पंजाब के किसान वहां बढ़ी टोल दरों के विरोध में उतर आएं हैं। 20 दिसंबर को रेल नाकाबंदी का एलान किया है, जिसमें जिले के किसान भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
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जिले के किसानों का कहना है कि पंजाब में हो रही रेल नाकाबंदी का असल जिले में नहीं रहेगा। हालांकि अगर पंजाब के किसानों को उनकी जरूरत पड़ेगी तो जरूर जाएंगे। किसानों का कहना है कि बेशक पानीपत में टोल के दाम न बढ़े हों, लेकिन करनाल, सोनीपत और पंजाब में टोल के दाम बढ़ गए हैं। जिसका किसान के साथ ही आम जनता पर असर पड़ेगा।
जिले में टोल अभी तक नहीं बढ़ाया गया है। पंजाब में किसान रेल नाकाबंदी करेंगे। किसान मोर्चा की ओर से अगर रेल नाकाबंदी में शामिल होने का आदेश आता तो है किसान वहां पहुंचेगे।
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- सोनू मालपुरिया, प्रधान, भाकियू
चढ़ूनी करेंगे राजनीतिक पार्टी की घोषणा, जिले के किसान जाएंगे
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के प्रधान गुरनाम सिंह चढ़ूनी किसान आंदोलन में भाग लेने और मांगों को पूरा कराने के बाद अब चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। चढ़ूनी पंजाब में होने वाले चुनाव को लेकर शनिवार को बैठक करेंगे। जिसमें उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा के सभी जिले के प्रधान को आने का न्योता भेजा है। पानीपत चढ़ूनी गुट के प्रधान सुधीर जाखड़ भी जाएंगे। सुधीर जाखड़ ने बताया कि राजनीतिक पार्टी की घोषणा में जिले के किसान भी जाएंगे। किसानों को हक दिलाया है, अब आम जनता को भी हक दिलाने का काम करेंगे। पार्टी बनने के बाद जो जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसे पूरा करेंगे।
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