पानीपत। कल तक घर के भीतर थी आज कदम बढ़ाना सीख गई, लाख रुकावट आई फिर भी आगे जाना सीख गई। नारी को कमजोर समझना भूल तुम्हारी है सुन लो, नारी आज तो सूरज से भी आंख मिलाना सीख गई...गीतों पर कवयित्री रजनी अवनी ने हास्य कवि सम्मेलन में समा बांध दिया। इसके साथ कवि दीपक सैनी ने विभिन्न नेताओं की मिमिक्री कर सबको खूब गुदगुदाया। जिन्हें सुनकर सभी ठहाके मारकर हंसते रहे।
बुधवार को मौका रहा आर्य पीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय हास्य दिवस की पूर्व संध्या पर हास्य कवि सम्मेलन का। इसका आयोजन हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल और आर्य पीजी कॉलेज के संयुक्त पहल पर किया गया। कवि महेंद्र अजनबी, दीपक सैनी, राजेश चेतन, रजनी अवनी ने अपनी कविताओं की प्रस्तुति से सबका गुदबुदाया। सम्मेलन में डॉ. मीनाक्षी चौधरी और सांस्कृतिक विभाग की टीम की देखरेख में कराया। मुख्यातिथि जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र दूहन ने रहे। उन्होंने कहा कि आज के तनाव भरे जीवन को शांत करने और मन को स्वस्थ करने के लिए हास्य कवि सम्मेलन जैसे आयोजन एक कारगर सिद्ध होंगे।
बॉलीवुड के हास्य कलाकार विकास बेदी विशिष्ट अतिथि रहे। दादा लख्मीचंद सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि संस्था पानीपत में होने वाले हर सांस्कृतिक, साहित्यिक कार्यक्रमों में अपना योगदान करती रही है। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान शेर सिंह खर्ब, एडवोकेट सुमित आर्य, महेंद्र भाटिया, देवेंद्र तूफान, कमल वर्मा, चांद कौर, कमलेश पालीवाल व लोक कलाकार नरेंद्र गर्ग उपस्थित रहे।