पानीपत। देवी मंदिर में चल रही कथा के पांचवें दिन वृंदावन से आई कथावाचक जीवानुगा शैलवासिनी दासी ने जीवन में हर परिस्थिति में डटकर सामना करने वाले को जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने बताया कि जीवन में सुख, दुख, हर्ष औैर पीड़ा चलती रहती है। ऐसे में मनुष्य को हर समय परिस्थिति का डटकर सामना करना चाहिए। साथ ही मनुष्य द्वारा किए गए कर्माें का फल उन्हें यही पर मिलता है। इसलिए उन्होंने कर्मों के अनुसार ही फल मिलने का वर्णन किया है।
उन्होंने बताया कि हमें सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए। जिससे मनुष्य को अन्य विगतियों में उलझने का समय ही न मिल पाए। इसलिए जितना हो सकें हमें मददगार लोगों की सहायता करनी चाहिए। जिससे समाज में निचले वर्ग के लोगोंं को कोई परेशानी न हो।