सीआईए-2 ने आधार कार्ड का पता बदलकर और फर्जी बैंक खाता खुलवाकर बाइक और एक्टिवा फाइनेंस कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीन में से एक आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए-2 प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पता चला है कि सावेज, फुरकान और रविंद्र तीनों का गिरोह है। सावेज भोले-भाले लोगों के साथ दोस्ती करता था और अपने जाल में फंसाता था। उसके बाद आधार कार्ड अपडेट कराने के नाम पर उसे रविंद्र की दुकान पर ले जाता था। रविंद्र आधार कार्ड पर फर्जी पता एवं मोबाइल नंबर डालकर एक फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था। जिसके बाद वह तीनों मिलकर आधार कार्ड पर बैंक अकाउंट नंबर खुलवाते थे और अंत में एजेंसी से किस्तों पर टू-व्हीलर वाहन निकलवा कर 40 से 45 हजार रुपये में बेच देते थे। आरोपियों से लैपटॉप, प्रिंटर, बाइक, फर्जी पते, 6 आधार कार्ड और 13 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं।
ये था मामला
छोटू राम चौक निवासी सलीम ने थाना किला में शिकायत दी थी कि जनवरी में गढ़ी बेसिक में उसकी मुलाकात सावेज और फुरकान से हुई थी। दोनों ने उसे दोस्ती कर ली। घर आने-जाने लगे। आरोपियों ने धोखे से उसका आधार कार्ड ले लिया। गत 25 अक्तूबर को उसके घर बाइक एजेंसी से एक कर्मचारी आया। उसने बाइक फाइनेंस कराने की बात कही। मामले की जांच की तो आरोपियों ने मूनक एजेंसी से बाइक के अलावा एक्टिवा भी फाइनेंस पर निकली मिली थी।
दो को जेल भेजा, सरगना को रिमांड पर लिया-
आरोपियों के कब्जे से सामान बरामद होने के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रविंद्र और फुरकान को जेल भेज दिया गया और सरगना सावेज को गहनता से पूछताछ करने के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
- वीरेंद्र सिंह, प्रभारी, सीआईए-2