स्कूली छात्रों के शिक्षा स्तर को जानने के लिए मानव एवं विकास मंत्रालय एनसीईआरटी व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के संयुक्त तत्वाधान में इस बार 12 नवंबर को नेशनल अचीवमेंट सर्वे होना है। शिक्षा विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। ये सर्वे 3 साल में एक बार होता है। 2017 के बाद यह सर्वे 2020 में होना था, लेकिन कोविड के कारण पिछले साल यह सर्वे नहीं हो पाया। अब 2021 में ये सर्वे होगा।
राष्ट्रीय स्तर पर या परीक्षा पूरे देश में एक ही दिन संचालित होती है। इस परीक्षा में कक्षा तीसरी, 5वीं, 8वीं और 10वीं के छात्र शामिल होंगे। स्कूलों का चयन स्टेट की ओर से होता है। इस परीक्षा में उसी स्कूल के छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे, जिसमें छात्रों की परीक्षा ली जाएगी। शिक्षा विभाग द्वारा इसको लेकर छात्रों की तैयारी शुरू कराने को कहा गया है। केंद्र सरकार की ओर से एक दिन में एक ही समय में 90 से लेकर 120 मिनट की वैकल्पिक परीक्षा होगी। इसमें पहली बार प्राइवेट स्कूलों को भी शामिल किया गया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे एक नमूना आधारित सर्वेक्षण है जिससे शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए एक प्रामाणिक आंकड़ों का विस्तृत आधार उपलब्ध होता है। ये परीक्षा देश के 733 जिलों में होगी। इस परीक्षा में विद्यार्थियों का चयन लॉटरी द्वारा होगा। लॉटरी में चयनित विद्यार्थी ही परीक्षा में शामिल होगा।
नेशनल अचीवमेंट सर्वे परीक्षा में सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति जरूरी
नेशनल अचीवमेंट सर्वे परीक्षा को लेकर सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति जरूरी है जिसको लेकर अभिभावकों को स्कूलों के अध्यापक जागरूक करेंगे। विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर जांचने के लिए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण करवाने जा रहा है। सरकारी स्कूलों, सहायता प्राप्त तथा मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सीखने की क्षमता के आंकलन के लिए नेशनल अचीवमेंट सर्वे पूरे भारत में एक साथ होगा।
- सीबीएसई द्वारा ली जाएगी आंकलन परीक्षा
पहले सक्षम के तहत परीक्षा होती थी, लेकिन इस बार नए तरीक से यह सर्वे हो रहा है। सर्वे के तहत आंकलन परीक्षा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा ली जाएगी। जिले में इस परीक्षा को लेकर माक टेस्ट भी आयोजित किए जा रहे है ताकि अंतिम जब परीक्षा हो तो विद्यार्थियों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
- विद्यार्थी का हो सकेगा आंकलन
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर यह परीक्षा आयोजित हो रही है। इस सर्वे का उद्देश्य सभी प्रदेशों के सरकारी स्कूलों सहित सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सीखने के उपलब्धि स्तर का आंकलन करना है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक नीतियां और कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर पर काफी असर पड़ा है। ऐसे में यह परीक्षा विद्यार्थियों के लिए कारगर साबित होगी। इन्हें ग्रामीण, शहरी, ग्रामीण, प्राइवेट, सरकारी आदि पैमानों पर मापा जाएगा।
- ये पूछेंगे जाएंगे प्रश्न
एनसीआरटी की तरफ से तीन साल में एक बार राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण करवाया जाता है। शिक्षा विभाग जिले के रैंडम स्कूलों में कक्षा तीसरी और पांचवीं के विद्यार्थियों की हिंदी, गणित और ईवीएस, कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों कीं सामाजिक और विज्ञान, हिंदी और गणित तथा दसवीं के विद्यार्थियों कीं सामाजिक, विज्ञान, हिंदी, गणित तथा अंग्रेजी विषय की परीक्षा लेगा।
वर्जन-
12 नवंबर को देश के सभी राज्यों में एक साथ नेशनल अचीवमेंट सर्वे परीक्षा होगी। इसमें कक्षा तीसरी, 5वीं, 8वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को शामिल किया है। आंकलन परीक्षा सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाएगी।
- विनीता तोमर, जिला कोआर्डिनेटर, सीबीएसई, पानीपत।