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आधार कार्ड पर पता बदलकर फर्जी ढंग से लोगों के नाम पर बाइक खरीदने के तीन आरोपी गिरफ्तार

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पानीपत। लोगों के आधार कार्ड पर पते को बदलकर फर्जी बैंक खाता खुलवाकर लोगों के नाम पर नई बाइक खरीदकर बेचने के दो आरोपियों को सीआईए टू ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से पुलिस ने 18 बाइक व एक एक्टिवा बरामद की है। पुलिस ने छह दिन के रिमांड के दौरान आरोपियों से लेपटॉप, प्रिंटर, 6 आधार कार्ड व 13 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपियों ने लोगों के नाम पर 18 बाइक एजेंसी से निकलवा ली थी।
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सीआईए-टू प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि उनकी टीम ने सावेज पुत्र इलियास, फुरखान पुत्र अली हसन निवासी राणा माजरा व रविंद्र निवासी छोटू राम चौक को गिरफ्तार किया है। रविंद्र की छोटू राम चौक पर दुकान है। दोनों फर्जी तरीके से आधार कार्ड से पता बदलकर लोगों का फर्जी बैंक खाता खुलवाकर उनके नाम पर एजेंसी से बाइक निकलवा लेते थे। आरोपी नई बाइक को 40-45 हजार रुपये में बेच देते थे।
इस गिरोह का इस प्रकार हुआ खुलासा
सालिम निवासी छोटू राम चौंक ठगी की वारदात के बारे में शिकायत देकर बताया था कि जनवरी में वह गांव गढ़ी बेसिक में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गया था। वहां पर उसकी मुलाकात सावेज पुत्र इलियास व फुरखान पुत्र अलीहसन निवासी राणा माजरा के साथ हुई थी। बाद में दोनों का उसके घर पर आना-जाना हो गया था। कुछ समय पहले सावेज के साथ वह अपना आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए छोटू राम चौक पर स्थित रविंद्र की दुकान पर गया था, रविंद्र व सावेज आपस में दोस्त हैं। रविंद्र ने आधार कार्ड अपडेट कर कॉपी बाद में सावेज को देने बारे में कहा। सावेज ने उसको आधार कार्ड नहीं दिया और साथ ही बैंक में खाता खुलवाने के नाम पर काफी सारे कागजों पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए। 25 अक्तूबर को उसके पास हीरो बाइक एजेंसी से एक कर्मचारी आया। वह किस्तों पर उसके नाम से निकलवाई गई स्प्लेंडर बाइक के कागजात दिखाते हुए किस्त जमा करवाने के बारे में कहने लगा। कागजात को जांचने पर उसमें लिखा मोबाइल नंबर सावेज का मिला। मुनक एजेंसी में रिकार्ड चैक करवाने पर उसके नाम एक अन्य एक्टिवा किस्तों पर निकली मिली। एजेंसी से एक्टिवा डिलिवरी के समय की फोटो चैक करवाने पर फोटो में जानकार फुरखान निवासी राणा माजरा मिला। सावेज, फुरखान व रविंद्र ने मिली भगतकर उसके फर्जी हस्ताक्षर व आधार कार्ड का प्रयोग करके एजेंसी से बाइक व एक्टिवा किस्तों पर लेकर आगे किसी को बेच दिया। इस प्रकार तीनों ने मिलकर उसके साथ धोखाधड़ी की है।
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